सिक्किम में जीएलओएफ जोखिम कम करने के लिए केंद्र से सहयोग की मांग, जल शक्ति मंत्री से मिले सांसद इंद्र हांग सुब्बा

सिक्किम में जीएलओएफ जोखिम कम करने के लिए केंद्र से सहयोग की मांग, जल शक्ति मंत्री से मिले सांसद इंद्र हांग सुब्बा
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गंगटोक : सिक्किम के लोकसभा सांसद डॉ. इंद्र हांग सुब्बा ने 30 सितंबर को केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल से मुलाकात कर राज्य में ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (जीएलओएफ) के जोखिम को कम करने के लिए केंद्र सरकार से ठोस सहयोग की मांग की।

बैठक के दौरान सांसद ने सिक्किम सरकार की ओर से प्रस्तावित व्यापक जीएलओएफ जोखिम न्यूनीकरण योजना से केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया। उन्होंने कहा कि राज्य में भविष्य में होने वाली आपदाओं से पहले वैज्ञानिक और सक्रिय स्तर पर तैयारियां करना जरूरी है, ताकि निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों, समुदायों, आजीविका तथा महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

डॉ. सुब्बा ने अक्टूबर 2023 में हुए विनाशकारी दक्षिण ल्होनक जीएलओएफ का उल्लेख करते हुए कहा कि इस तरह की घटनाओं के संभावित प्रभावों को देखते हुए दीर्घकालिक और वैज्ञानिक आधार पर जोखिम न्यूनीकरण उपायों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

सांसद ने सिक्किम सरकार और ब्रह्मपुत्र बोर्ड के बीच औपचारिक तकनीकी साझेदारी स्थापित करने का अनुरोध किया। उन्होंने बहु-विषयक तकनीकी दल गठित करने की मांग की, जो राज्य में हाइड्रोलॉजिकल और तकनीकी अध्ययन करेगा, उपयुक्त संरचनात्मक एवं गैर-संरचनात्मक उपायों का आकलन करेगा तथा कार्यान्वयन योग्य विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करेगा।

सिक्किम सरकार ने इस प्रक्रिया के लिए आवश्यक क्षेत्रीय और लॉजिस्टिक सहयोग उपलब्ध कराने की अपनी तत्परता व्यक्त की है। सांसद ने इस प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि आपदा के बाद राहत और प्रतिक्रिया तक सीमित रहने के बजाय भविष्य के संभावित नुकसान को कम करने के लिए आपदा से पहले प्रभावी शमन उपाय लागू करना जरूरी है।

बैठक का मुख्य उद्देश्य सिक्किम में दीर्घकालिक जीएलओएफ तैयारी को मजबूत करने और समुदायों तथा महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा के लिए केंद्र सरकार से ठोस सहयोग सुनिश्चित करना रहा।

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