विरोध-प्रदर्शन के बाद सांसद और विधायक ने छोड़ा सिताई

सांसद और विधायक
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कूचबिहार : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात और मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मिलने के बाद बीते सोमवार की देर रात कूचबिहार के तृणमूल कांग्रेस सांसद जगदीश चंद्र बर्मा बासुनिया और विधायक संगीता राय सिताई स्थित अपने घर पहुंचे। हालांकि, उनके घर पहुंचने के कुछ ही देर बाद स्थानीय लोगों के एक वर्ग के विरोध-प्रदर्शन के कारण दोनों को पुलिस सुरक्षा में फिर से सिताई छोड़ कर जाना पड़ा। सोमवार रात तकरीबन 11:00 बजे कड़ी पुलिस सुरक्षा के बीच सांसद और विधायक सिताई बाजार स्थित अपने आवास पहुंचे। उनके पहुंचने की खबर फैलते ही घर के सामने और सिताई बाजार इलाके में स्थानीय लोगों का एक समूह जुट गया और विरोध-प्रदर्शन करने लगा। उस दौरान जमकर नारेबाजी भी की गई। स्थिति तनावपूर्ण होते देख मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया। वहीं, देर रात तकरीबन 02:00 बजे स्थिति कुछ सामान्य होने के बाद पुलिस सुरक्षा के बीच जगदीश चंद्र बर्मा बासुनिया और संगीता राय ने दोबारा सिताई छोड़ दिया। वे दोनों कूचबिहार शहर के गूंजाबाड़ी स्थित अपने फ्लैट लौट गए।

गौरतलब है कि, 2024 के लोकसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर जीत दर्ज कर जगदीश चंद्र बर्मा बासुनिया कूचबिहार से सांसद निर्वाचित हुए थे। वहीं, 2026 के विधानसभा चुनाव में संगीता राय तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर सिताई विधानसभा सीट से विधायक चुनी गईं। इधर, हालयया विधानसभा चुनाव के बाद राज्य में सत्ता परिवर्तन संग भाजपा की सरकार आने के बाद से दोनों की राजनीतिक गतिविधियों और भविष्य की भूमिका को लेकर इलाके में तरह-तरह की चर्चा का बाजार गर्म है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, पिछले कुछ समय से सांसद और विधायक सिताई स्थित अपने आवास पर नियमित रूप से नहीं रह पा रहे थे। कूचबिहार आने पर भी वे शहर स्थित अपने फ्लैट में ही रह रहे थे।

भाजपा नेता ने सांसद और विधायक के भाजपा में शामिल होने की संभावना को लेकर भी लगाया आरोप

सांसद जगदीश चंद्र बर्मा बासुनिया और विधायक संगीता राय के सिताई लौटने और लोगों के विरोध के चलते फिर वापस लौटने के प्रकरण को लेकर तरह-तरह की चर्चा का बाजार गर्म है। सिताई क्षेत्र में एक बार फिर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। विरोध-प्रदर्शन को लेकर भाजपा ने तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साधा है। कूचबिहार दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के पूर्व भाजपा विधायक निखिल रंजन दे ने आरोप लगाया कि, तृणमूल कांग्रेस के शासनकाल में आम लोगों पर अत्याचार, चुनाव में धांधली, वसूली, घरों में तोड़फोड़ और झूठे मामलों में लोगों को फंसाने जैसी घटनाएं हुई हैं। उनका दावा है कि इन्हीं कारणों से अब लोग तृणमूल नेताओं के खिलाफ सड़क पर उतर रहे हैं और उन्हें अपने ही घर में रहने में परेशानी हो रही है।

निखिल रंजन दे ने यह भी आरोप लगाया कि, सांसद और विधायक प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद भाजपा में शामिल होने के लिए ‘बैकडोर’ से रास्ता तलाश रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों पर सांसद जगदीश चंद्र बर्मा बासुनिया और विधायक संगीता राय की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। उक्त मामले के बाद सिताई में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है और सांसद-विधायक के आवास पर हुए विरोध-प्रदर्शन को लेकर क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई हैं।

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