

गंगटोक : लोकभवन सिक्किम में रविवार को भारत सरकार के गृह मंत्रालय की पहल के तहत आठ राज्यों और पांच केंद्रशासित प्रदेशों का स्थापना दिवस समारोह हर्षोल्लास के साथ आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को प्रोत्साहित करने के साथ राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक सद्भाव को मजबूत करना था।इस अवसर पर आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, हरियाणा, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, पंजाब और तमिलनाडु के साथ-साथ अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, चंडीगढ़, दिल्ली, लक्षद्वीप और पुडुचेरी का स्थापना दिवस मनाया गया।
समारोह की अध्यक्षता कमिश्नर-सह-सचिव जितेंद्र सिंह राजे ने की। कार्यक्रम का शुभारंभ संयुक्त सचिव दिवस गौतम के स्वागत भाषण से हुआ। उन्होंने विभिन्न विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों, अतिथियों और विद्यार्थियों का स्वागत किया। सिक्किम विश्वविद्यालय की सामाजिक शास्त्र की प्रोफेसर डॉ. स्वाति सचदेव भी उपस्थित रहीं।अपने संबोधन में जितेंद्र सिंह राजे ने राज्यपाल दुष्यंत गौतम की ओर से समारोह के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के दृष्टिकोण को साकार करने में ऐसे आयोजन महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। भारत की भाषाई, सांस्कृतिक और भौगोलिक विविधता के बावजूद सभी नागरिक एक राष्ट्र का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह के समारोह विभिन्न राज्यों के बीच सांस्कृतिक सेतु बनाते हैं और एक-दूसरे की भाषा, खान-पान, वेशभूषा, परंपराओं तथा विरासत को समझने का अवसर देते हैं। कार्यक्रम में केरल के राज्यपाल ओम प्रकाश माथुर का विशेष वीडियो संदेश भी प्रदर्शित किया गया। संदेश में केरल की सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता को मजबूत करने पर जोर दिया गया।
इस दौरान केरल की छात्रा श्रीलक्ष्मी एम.एस. और अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह की छात्रा नवा एस्ले रोज ने अपने-अपने क्षेत्रों के इतिहास, संस्कृति और भौगोलिक विशेषताओं पर प्रस्तुतियां दीं। सिक्किम के संस्कृति विभाग के कलाकारों ने लोक संस्कृति और पारंपरिक कलाओं पर आधारित रंगारंग प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम का संचालन राज्यपाल की जनसंपर्क अधिकारी ममता अवस्थी ने किया। समापन पर राज्यपाल के हिंदी सलाहकार डॉ. प्रदीप त्रिपाठी ने सभी अतिथियों, अधिकारियों, विद्यार्थियों और कलाकारों के प्रति आभार व्यक्त किया।