

सिलीगुड़ी : यात्री सुविधा और समग्र यात्रा अनुभव को बेहतर बनाने की दिशा में भारतीय रेलवे ट्रेन संख्या 13173/13174 (सियालदह-सबरूम) और 13175/13176 (सियालदह-सिलचर) कंचनजंघा एक्सप्रेस के मौजूदा पारंपरिक आईसीएफ कोच की जगह एक आधुनिक लिंक हॉफमैन बुश (एलएचबी) रेक शुरू करने जा रहा है। इन अपग्रेडेड रेक वाली ट्रेनों का परिचालन 28 और 29 नवंबर, 2025 से शुरू होगा। नॉर्थ-ईस्ट फ्रंटियर (एनएफ) रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी कपिंजल किशोर शर्मा की ओर से विज्ञप्ति जारी कर यह जानकारी दी गई है। कहा गया है कि, ये अत्याधुनिक कोच बेहतर संरक्षा सुविधाओं से सुसज्जित हैं जिनमें एंटी-टेलिस्कोपिक डिज़ाइन भी शामिल है जो टक्करों के दौरान होने वाले प्रभाव को कम करता है। वहीं, उन्नत सस्पेंशन सिस्टम के कारण यात्रियों को बेहतर आराम का भी लाभ मिलता है जो एक सुगम और सुलभ यात्रा सुनिश्चित करता है।
यह भी बताया गया है कि, एलएचबी कोच उच्च परिचालन गति को सपोर्ट करते हैं और इनमें सौंदर्यीकृत इंटीरियर हैं जो यात्रा दक्षता व समग्र यात्री अनुभव दोनों को बेहतर बनाते हैं। नवप्रवर्तित एलएचबी रेकों में पांच एसी 3-टियर कोच, एक एसी 2-टियर कोच, नौ स्लीपर क्लास कोच और 4 जेनरल सिटिंग कोच शामिल होंगे जो विभिन्न ट्रेवल क्लास के यात्रियों के लिए संतुलित यात्रा व्यवस्था करने की क्षमता सुनिश्चित करेंगे।
उल्लेखनीय है कि कंचनजंघा एक्सप्रेस पूर्वोत्तर क्षेत्र को पूर्वी भारत से जोड़ने वाली एक महत्वपूर्ण रेल सेवा है जो यात्रियों की सुगम आवाजाही सुनिश्चित करती है और जिन राज्यों से होकर गुजरती है उनके बीच सामाजिक-आर्थिक एकीकरण को बढ़ावा देती है। ऐसे ट्रेन सेवा में पारंपरिक आईसीएफ कोचों के स्थान पर आधुनिक लिंक हॉफमैन बुश (एलएचबी) कोचों का आगमन रेल आधुनिकीकरण में एक महत्वपूर्ण प्रगति का प्रतीक है।