

रिनाक : साहित्य एवं कला के क्षेत्र में सक्रिय संस्था साहित्य कला समाज, रिनाक, सिक्किम के आयोजन में साहित्यकार कपिलमणि अधिकारी द्वारा लिखित उपन्यास ‘दुःखेको चोट’ के दूसरे संस्करण तथा उनके संपादन में प्रकाशित साहित्यिक पत्रिका ‘सृष्टि’ के 17वें अंक का विमोचन रविवार को रिनाक स्थित विश्व विनायक मंदिर परिसर में किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. टेकबहादुर छेत्री थे, जबकि अध्यक्षता नरेंद्र छेत्री ने की। लेखक एवं संपादक कपिलमणि अधिकारी ने अपने संबोधन में पुस्तक तथा साहित्यिक सृजन के विभिन्न पक्षों पर विचार व्यक्त किए।
उपन्यास ‘दुःखेको चोट’ पर डिल्ली प्रसाद अधिकारी ने संक्षिप्त टिप्पणी प्रस्तुत करने के साथ गजल भी सुनाई। वहीं, ‘सृष्टि’ पत्रिका के संबंध में अभिनारायण मिश्र ने जानकारी देते हुए कविता पाठ किया। स्थानीय कवियों ने भी अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं। पत्रकार जोसेफ लेप्चा ने स्वागत वक्तव्य दिया। बाल कलाकारों के स्वागत नृत्य सहित विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को आकर्षक बनाया।
मुख्य अतिथि डॉ. टेकबहादुर छेत्री ने कहा कि साहित्य एवं भाषा के विकास और संरक्षण में साहित्यकारों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने नेपाली भाषा में उपलब्ध उपयुक्त शब्दों के स्थान पर अनावश्यक रूप से अन्य भाषाओं के शब्दों के प्रयोग से बचने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने साहित्यकार कपिलमणि अधिकारी की साहित्यिक साधना की सराहना भी की।
कार्यक्रम के अध्यक्ष नरेंद्र छेत्री ने कहा कि वे स्वयं को साहित्यकार के बजाय साहित्यसेवी के रूप में देखते हैं। उन्होंने साहित्य कला समाज द्वारा साहित्य एवं संस्कृति के विकास में किए जा रहे कार्यों पर प्रकाश डाला।
साहित्यकार कपिलमणि अधिकारी ने कहा कि ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने के कारण वे आम लोगों की भाषा में साहित्य सृजन करते रहे हैं। उन्होंने भविष्य में और सक्रिय होकर साहित्यिक भंडार में नई कृतियां जोड़ने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
कार्यक्रम के दौरान नृत्य एवं कविता पाठ के साथ कवियों को पुरस्कार और पुस्तकें भी प्रदान की गईं। आयोजक पक्ष की ओर से पुष्प अधिकारी ने धन्यवाद ज्ञापन किया। कार्यक्रम का संचालन शिक्षक दुर्गाप्रसाद भट्टराई ने किया।
समारोह में रामगौरी संग्रहालय के संस्थापक गणेशकुमार प्रधान, जिला पंचायत सदस्य बबिता बराइली, ग्राम पंचायत प्रतिनिधि पुष्प शर्मा सहित बड़ी संख्या में साहित्यकार एवं साहित्यप्रेमी उपस्थित थे। आयोजकों के अनुसार, साहित्य, सृजन और संस्कृति को एक ही मंच पर जोड़ने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम से रिनाक क्षेत्र की साहित्यिक गतिविधियों को नई ऊर्जा मिली है।