

सिलीगुड़ी : नौकाघाट से कावाखाली को जोड़ने वाला मार्ग शहर की सबसे महत्वपूर्ण सड़कों में से एक माना जाता है। इस रास्ते पर सीआरपीएफ कैंप, कई स्कूल, निजी अस्पताल और मेडिकल कॉलेज होने के कारण रोज़ाना भारी संख्या में वाहन आवाजाही करते हैं। दिन में पेड़ों की हरियाली से यह सड़क बेहद खूबसूरत दिखाई देती है, लेकिन शाम ढलते ही यह इलाका गहरे अंधेरे में बदल जाता है। शिकायत है कि स्ट्रीट लाइटें नहीं है। जिससे अकसर सड़क अंधेरे में डूबी रहती है।
इसके अलावा आगामी दिनों में ठंड बढ़ने के साथ-साथ घना कुहासा गिरने लगेगा है, और इसी कारण आने वाले दिनों में दुर्घटनाओं की संभावना भी काफी बढ़ जाएगी। स्थानीय निवासियों और टोटो चालकों के मुताबिक, अगर सड़क पर रोशनी और सुरक्षा का उचित इंतज़ाम नहीं किया गया तो किसी भी वक्त बड़ी दुर्घटना हो सकती है।
टोटो चालक राजू मंडल का कहना है कि सुबह इतना घना कुहासा होता है कि सामने दस फीट तक नहीं दिखता। स्ट्रीट लाइट न होने से जोखिम और बढ़ जाता है। सर्दी अभी शुरू ही हुई है, आगे हालत और खराब होगी।
शेखर रॉय ने बताया कि कई सालों से यहां यही समस्या है। इस बार वाहनों की आवाजाही भी बढ़ी है, ऐसे में दुर्घटनाओं का खतरा पहले से कहीं ज्यादा है।
मांग : जल्द लगे स्ट्रीट लाइट, बढ़े निगरानी
लोगों का कहना है कि इस सड़क पर स्ट्रीट लाइटों की व्यवस्था तत्काल की जानी चाहिए। साथ ही पुलिस और प्रशासन को रात में निगरानी बढ़ानी होगी, ताकि चोरी–छिनतई की घटनाओं पर भी लगाम लगाया जा सके। ठंड और कुहासे के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए स्थानीय लोगों ने प्रशासन से आग्रह किया है कि इस मार्ग पर सुरक्षा को लेकर त्वरित कदम उठाए जाएं, ताकि आम जनता सुरक्षित और निश्चिंत होकर इस सड़क का उपयोग कर सके।
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