कवि विलास तामांग के कविता संग्रह का लोकार्पण

‘टुक्रै टुक्रा ज़िंदगीको’ पुस्तक साहित्यिक समारोह में पाठकों को समर्पित, साहित्यकारों ने नेपाली कविता और पठन संस्कृति के महत्व पर रखे विचार
कवि विलास तामांग के कविता संग्रह का लोकार्पण
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मिरिक : फुवागड़ी चाय बागान निवासी कवि विलास तामांग के प्रथम कविता संग्रह ‘टुक्रै टुक्रा ज़िंदगीको’ का शनिवार, 11 अक्टूबर को एक भव्य साहित्यिक समारोह के बीच लोकार्पण किया गया। लेखक धर्मराज बम्जन की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में कवि बिचंद्र प्रधान मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। समारोह में कई साहित्यकारों, शिक्षाविदों और साहित्यप्रेमियों ने हिस्सा लिया।

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथियों के रूप में लेखक राज बहादुर राई, डॉ. कमला तामांग, प्रो. विनेश प्रधान, अरुण चंद्र कुलुंग, मिरिक पंचायत समिति के कर्माध्यक्ष आदित्य प्रधान तथा मिरिक साहित्य सुनौ परिवार के सदस्य मौजूद रहे। इस अवसर पर प्रो. विनेश प्रधान ने कविता संग्रह की समीक्षा प्रस्तुत करते हुए कृति के साहित्यिक पक्षों पर प्रकाश डाला।

अपने संबोधन में कवि विलास तामांग ने कहा कि साहित्य की सेवा करना ही परम धर्म है। उन्होंने बताया कि उनकी रचनाओं में मानवता को प्रमुखता दी गई है। नेपाली साहित्य और पढ़ने की संस्कृति में कविता के महत्व को बनाए रखने के लिए साहित्यकार लगातार प्रयास कर रहे हैं। ऐसे प्रयासों के बीच एक रचनाकार के रूप में अपनी कृति पाठकों को समर्पित करना उनके लिए खुशी की बात है। उन्होंने कविता संग्रह सुधी पाठकों को सौंपते हुए उनसे रचनात्मक और स्वस्थ सुझावों की अपेक्षा भी जताई।

कार्यक्रम के दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने समारोह को आकर्षक बनाया। रवींद्रनाथ उच्च माध्यमिक विद्यालय के विद्यार्थियों ने स्वागत नृत्य प्रस्तुत किया। वहीं, फुवागड़ी के बाल कलाकार खुशी दुतराज, रोहिणी गोले, सुनयना रसाइली और विजय खाती ने मधुर गीत प्रस्तुत कर उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। उषा ठोकर ने भी शानदार नृत्य प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम का सहजीकरण शिक्षक अशोक घीसिंग ने किया, जबकि संचालन सेहनाज रामुदामु ने किया। साहित्यिक चर्चा और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच संपन्न समारोह में कविता संग्रह के लोकार्पण को नेपाली साहित्य के प्रति एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा गया।

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