कर्सियांग में ट्रैफिक जाम की समस्या पर गंभीरता से ध्यान देने की मांग

कर्सियांग में ट्रैफिक जाम की समस्या पर गंभीरता से ध्यान देने की मांग
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कर्सियांग: कर्सियांग के पीबी रोड स्थित स्टेट बैंक से मोंटिविएट जाने वाले बाइपास तक बुधवार को करीब एक घंटे तक ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रही। वाहनों के जाम में फंसे रहने के कारण स्थानीय लोगों, यात्रियों और पर्यटकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कांग्रेस के दार्जिलिंग जिला कार्यकारी अध्यक्ष सरोज खत्री ने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए स्थायी समाधान की आवश्यकता जताई। खत्री ने कहा कि कर्सियांग में ट्रैफिक जाम की समस्या नई नहीं है। पर्याप्त पार्किंग स्थल का अभाव, कर्सियांग-दार्जिलिंग के बीच वैकल्पिक मार्ग का अभाव और मौजूदा संपर्क मार्गों का पर्याप्त इस्तेमाल नहीं होने से बार-बार जाम की स्थिति बनती है। उन्होंने बताया कि कर्सियांग-मोंटिविएट बाइपास क्षेत्र में करीब 54 करोड़ रुपये की लागत से पार्किंग स्थल का निर्माण किया गया था, लेकिन बाद में वहां आईटी हब के लिए काम शुरू होने की बात सामने आई। उनके अनुसार, वर्तमान में वहां न तो पार्किंग सुविधा संचालित हो रही है और न ही आईटी हब नजर आ रहा है। उन्होंने सुझाव दिया कि कर्सियांग जीरो से ऊपरी मार्ग होते हुए ओल्ड मिलिट्री रोड को आवश्यक मरम्मत और पुनर्व्यवस्था के बाद जोरबंगला तक उपयोग में लाया जा सकता है। इससे मुख्य सड़क पर वाहनों का दबाव कम करने में मदद मिल सकती है। साथ ही उन्होंने टैक्सी स्टैंड के बेहतर प्रबंधन और नए पार्किंग स्थल के लिए उचित स्थान चिन्हित करने की मांग की।

बुधवार को पीबी रोड पर लगे जाम से स्टेट बैंक, सरकारी कार्यालयों, अदालत, थाना और खाद्य विभाग सहित विभिन्न स्थानों पर आने-जाने वाले लोगों के अलावा सिलीगुड़ी, मिरिक और बागडोगरा हवाईअड्डे की ओर जाने वाले यात्रियों और पर्यटकों को भी परेशानी हुई। बाद में ट्रैफिक पुलिस के अधिकारियों और कर्मियों के पहुंचने के बाद जाम को नियंत्रित किया गया। इधर, ट्रैफिक पुलिस सूत्रों के अनुसार पीबी रोड पर भाजपा विधायक सोनम लामा का कार्यालय भी स्थित है। सूत्रों का कहना है कि कार्यालय में एक साथ कई वाहनों के पहुंचने और सड़क संकरी होने के कारण कभी-कभी यातायात प्रभावित होता है। हालांकि, ट्रैफिक पुलिस की ओर से जाम की स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए आवश्यक कदम उठाए जाते हैं। खत्री ने कहा कि ट्रैफिक जाम का असर स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों पर भी पड़ता है। लंबे समय तक जाम में फंसने से उनकी आगे की यात्रा और समय-सारणी प्रभावित हो सकती है। उन्होंने संबंधित विभागों से समन्वित योजना बनाकर पार्किंग और यातायात व्यवस्था में सुधार करने की मांग की।

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