जयप्रकाश मानस को अमरावती सृजन पुरस्कार

कविता, साहित्य और कला पर हुआ व्याख्यान, कवियों ने किया काव्य पाठ
जयप्रकाश मानस को अमरावती सृजन पुरस्कार
Published on: 

गंगटोक :हिंदी साहित्य के वरिष्ठ साहित्यकार जयप्रकाश मानस को प्रतिष्ठित अमरावती सृजन पुरस्कार 2026 से सम्मानित किया गया। आपका तिस्ता हिमालय मासिक पत्रिका और उत्तर बंग हिंदी ग्रंथागार के संयुक्त आयोजन में गंगटोक के निकट रावते रुम्तेक स्थित एक होटल में भव्य समारोह के दौरान उन्हें यह पुरस्कार प्रदान किया गया। यह पुरस्कार प्रतिवर्ष आपका तिस्ता हिमालय पत्रिका की ओर से दिया जाता है।

डॉ. तारावती अग्रवाल की अध्यक्षता में आयोजित समारोह में जयप्रकाश मानस मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। वहीं, रामकिशोर मेहता, शैलेन्द्र चौहान, डॉ. आदित्य विक्रम सिंह, डॉ. प्रदीप त्रिपाठी, शायर मुमताज और पत्रिका के संपादक डॉ. आरपी सिंह सहित कई साहित्यकार मौजूद थे। पुरस्कार के तहत मानस को नकद राशि, सम्मान पत्र और स्मृति चिह्न प्रदान किया गया।

समारोह के दौरान व्याख्यान सत्र का भी आयोजन हुआ, जिसमें डॉ. तारावती अग्रवाल, डॉ. आदित्य विक्रम सिंह, डॉ. प्रदीप त्रिपाठी, रामकिशोर मेहता, शैलेन्द्र चौहान और देवेंद्रनाथ शुक्ल ने कविता, साहित्य और कला के विभिन्न पहलुओं पर विचार रखे।

सम्मान ग्रहण करने के बाद जयप्रकाश मानस ने अपने संबोधन में जीवन की छोटी-छोटी घटनाओं और प्रकृति से जुड़ी अनुभूतियों को कविता में ढालने की अपनी रचनात्मक प्रक्रिया साझा की। उन्होंने जीवन के विभिन्न दर्शन को कविता के माध्यम से अभिव्यक्त करते हुए कहा कि कविता के बिना जीवन अधूरा है। उनके काव्यात्मक संबोधन ने उपस्थित लोगों को प्रभावित किया।

अध्यक्षीय संबोधन में डॉ. तारावती अग्रवाल ने नारी सशक्तिकरण और बेटियों के सम्मान से जुड़े नारों को व्यावहारिक रूप देने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने हाल की घटनाओं का उल्लेख करते हुए सामाजिक व्यवस्था और बच्चों की परवरिश को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बेटियों के सशक्तिकरण की बात तभी सार्थक होगी, जब समाज और सरकार अपने व्यवहार में भी इसे लागू करें।

काव्य पाठ में स्थानीय कवियों ने बांधा समां

समारोह के दूसरे सत्र में काव्य पाठ का आयोजन हुआ। इसमें सिक्किम के स्थानीय कवि प्रवीण खालिंग, दीपा राई, जीविका अश्रु, अमर बानिया लोहोरो, शिव नेउपाने, सुजाता पुरोहित और आदित्य सिंह सहित आमंत्रित कवियों ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं।

कार्यक्रम में पूर्व मंत्री सीबी कार्की, वरिष्ठ अधिवक्ता हेमलाल भंडारी और स्थानीय साहित्यप्रेमियों की भी विशेष उपस्थिति रही। कार्यक्रम का संचालन डॉ. आदित्य सिंह ने किया, जबकि स्मृति कार्की ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।

सन्मार्ग को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं →
Follow Sanmarg on Google News
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in