गंगटोक: सिक्किम के औद्योगिक विकास और जन कल्याण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राज्यपाल ओम प्रकाश माथुर की अध्यक्षता में गुरुवार को लोकभवन में राज्य की प्रमुख फार्मास्युटिकल कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य दवा निर्माता कंपनियों के साथ सीधा संवाद स्थापित करना, उनकी वर्तमान औद्योगिक गतिविधियों की समीक्षा करना और राज्य के विकास में उनकी भागीदारी को और अधिक मजबूत बनाना था। बैठक के दौरान फार्मा कंपनियों के प्रतिनिधियों ने अपने-अपने संस्थानों की कार्यप्रणाली, उत्पादन क्षमता और भविष्य की योजनाओं को लेकर विस्तृत प्रस्तुति दी। इसके बाद हुई खुली चर्चा में उद्योग से जुड़ी चुनौतियों और उनके समाधान को लेकर प्रतिनिधियों ने सुझाव रखे। राज्यपाल ने सभी सुझावों को गंभीरता से सुना और आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया।
कंपनी प्रतिनिधियों ने बताया कि देश के औषधि निर्माण क्षेत्र में सिक्किम की महत्वपूर्ण भूमिका है। राज्य में निर्मित दवाओं की देशभर में आपूर्ति होती है और जीवन रक्षक दवाओं के उत्पादन में सिक्किम का बड़ा योगदान है। उन्होंने यह भी बताया कि फार्मा उद्योग राज्य के युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा रहा है। बैठक के दौरान राज्यपाल ने फार्मा कंपनियों द्वारा कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के तहत किए जा रहे कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने कंपनियों से आग्रह किया कि CSR फंड का अधिक से अधिक उपयोग स्थानीय जन कल्याण, ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य सेवाओं, पर्यावरण संरक्षण और शिक्षा के क्षेत्र में किया जाए, ताकि इसका लाभ सीधे आम लोगों तक पहुंच सके। इस अवसर पर राज्यपाल के आयुक्त-सह-सचिव जितेंद्र सिंह राजे, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग की सचिव कर्मा डी. यूतसो सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। फार्मा कंपनियों के प्रतिनिधियों ने राज्यपाल की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि लोकभवन में इस तरह की सीधी संवाद आधारित बैठक पहली बार आयोजित हुई है।