दार्जिलिंग में सिंचेल झीलों के पुनर्निर्माण कार्य का निरीक्षण

निरीक्षण के दौरान मंत्री अग्निमित्र पौल, सांसद राजू बिष्ट सहित अन्य
निरीक्षण के दौरान मंत्री अग्निमित्र पौल, सांसद राजू बिष्ट सहित अन्य
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दार्जिलिंग: केंद्रीय सरकार की AMRUT 2.0 योजना के तहत सिंचेल नॉर्थ और साउथ झीलों के पुनर्निर्माण कार्य का निरीक्षण किया गया। इस दौरान मंत्री अग्निमित्र पौल के साथ स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी परियोजना की प्रगति का जायजा लिया। दार्जिलिंग स्थित सिनचेल वन्यजीव अभयारण्य के बीच लगभग 2,487 मीटर की ऊंचाई पर स्थित नॉर्थ सिंचेल झील और साउथ सिंचेल झील लंबे समय से दार्जिलिंग नगरपालिका की प्रमुख पेयजल स्रोत रही हैं।

सूत्रों के अनुसार, वर्षों से इन महत्वपूर्ण जल स्रोतों में बड़े स्तर पर रखरखाव कार्य नहीं हुआ था। अब केंद्र सरकार द्वारा लगभग 60 करोड़ रुपये की लागत से इन झीलों के पुनर्निर्माण और विकास परियोजना को मंजूरी दी गई है। इसके तहत दोनों झीलों का व्यापक नवीनीकरण और जल भंडारण क्षमता बढ़ाने के लिए नए जलाशय का निर्माण किया जा रहा है। परियोजना पूर्ण होने के बाद दार्जिलिंग में स्वच्छ और नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित होने की उम्मीद जताई जा रही है। संबंधित अधिकारियों ने इसे क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण विकासात्मक कदम बताया है।

पर्यटन क्षेत्र को स्वच्छ बनाने पर जोर, कचरा प्रबंधन उल्लंघन पर कार्रवाई के निर्देश

मंत्री अग्निमित्र पौल ने मिरिक दौरे के दौरान पर्यटन नगरी को कचरा-मुक्त बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को स्वच्छता व्यवस्था मजबूत करने और कचरा प्रबंधन नियमों का उल्लंघन करने वालों पर 1 जुलाई से कार्रवाई शुरू करने की बात कही। मंत्री ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों से भी मिरिक को स्वच्छ रखने की अपील की। साथ ही उन्होंने अतिक्रमण के मुद्दे पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि अवैध कब्जा किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

सांसद राजू बिष्ट ने सहमेन्दु झील में प्रदूषण की समस्या का उल्लेख करते हुए एसटीपी क्षमता बढ़ाने और आगामी तीन महीनों में नई व्यवस्था लागू करने की जानकारी दी। दौरे के दौरान स्थानीय लोगों ने मंत्री और सांसद का स्वागत किया तथा क्षेत्रीय विकास और स्वच्छता को लेकर समर्थन जताया।

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