गुवाहाटी व कोलकाता के बीच चलेगी भारत की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन

16 कोच वाली इस ट्रेन में कुल 823 यात्रियों के बैठने की क्षमता है, जिसमें 11 एसी 3-टियर कोच, 4 एसी 2-टियर कोच और 1 फर्स्ट एसी कोच शामिल हैं इसका किराया समान रूटों पर एयरलाइन किराये से काफी कम होगा और इसमें आहार भी शामिल होगा जो रात्रिकालीन यात्रा के लिए एक किफायती विकल्प बन जाएगा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्तमान जनवरी महीने में ही इस पहली सेवा को हरी झंडी दिखाएंगे, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने नववर्ष के पहले दिन साझा की जानकारी, अन्य कई सेवा कतार में
गुवाहाटी व कोलकाता के बीच चलेगी भारत की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन
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इरफान-ए-आजम, सिलीगुड़ी : भारत की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन असम के कामाख्या और पश्चिम बंगाल के हावड़ा मार्ग पर चलेगी। इसके सभी ट्रायल, टेस्टिंग और सर्टिफिकेशन सफलतापूर्वक पूरे कर लिए गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्तमान जनवरी महीने में ही इस पहली सेवा को हरी झंडी दिखाएंगे। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार 1 जनवरी को रेल भवन में हुई एक बैठक में यह जानकारी साझा करते हुए कहा कि, वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की शुरुआत भारतीय रेलवे के लिए एक ऐतिहासिक माइलस्टोन सेवा साबित होगी जो आधुनिक, सेमी-हाई-स्पीड रात्रिकालीन यात्री सेवाओं के एक नए युग की शुरुआत करेगी। 180 किलोमीटर प्रति घंटे तक की अधिकतम गति क्षमता के साथ डिज़ाइन की गई यह ट्रेन, गति को विश्व स्तरीय स्लीपर सुविधाओं के साथ एकीकृत करती है जिससे लंबी दूरी की रात्रिकालीन यात्रा के लिए आराम, सुरक्षा और परिचालन दक्षता में काफी सुधार होता है।

भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए, रेल मंत्री ने कहा कि वर्ष 2026 भारतीय रेलवे के लिए बड़े सुधारों का साल होगा, जिसमें कई यात्री-केंद्रित पहल कतार में हैं। उन्होंने ट्रेन के एर्गोनॉमिक इंटीरियर डिज़ाइन, बेहतर संरक्षा सुविधाओं और क्षेत्र-विशिष्ट ऑनबोर्ड कैटरिंग पर ज़ोर देते हुए बताया कि ये सेवाएं यात्रियों को सांस्कृतिक रूप से समृद्ध और यादगार यात्रा अनुभव प्रदान करने के लिए पारंपरिक असमिया और बंगाली व्यंजन का भी तुत्फ उठाने का आनंद देंगी।

उन्होंने आगे कहा कि, वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का किराया समान रूटों पर एयरलाइन किराये से काफी कम होगा और इसमें आहार भी शामिल होगा, जिससे यह रात्रिकालीन यात्रा के लिए एक किफायती और वैल्यू-फॉर-मनी विकल्प बन जाएगा। 16 कोच वाले इस रैक में कुल 823 यात्रियों के बैठने की क्षमता है, जिसमें 11 एसी 3-टियर कोच, 4 एसी 2-टियर कोच और 1 फर्स्ट एसी कोच शामिल हैं। यात्रियों के आराम के पहलुओं को ध्यान में रखते हुए इसमें एर्गोनॉमिक रूप से डिज़ाइन किए गए कुशन वाले बर्थ, बेहतर राइड कम्फर्ट के लिए एडवांस्ड सस्पेंशन, न्वॉइज रिडक्शन सिस्टम, वेस्टिब्यूल के साथ ऑटोमैटिक दरवाज़े और एक मॉडर्न पैसेंजर इन्फॉर्मेशन सिस्टम जैसी सुविधाएं हैं। वहीं, दिव्यांग यात्रियों के लिए खास इंतज़ाम, आधुनिक टॉयलेट और एडवांस्ड डिसइंफेक्टेंट तकनीक स्वच्छता, पहुंच और ट्रेन के अंदर आराम को और बेहतर बनाते हैं। 'संरक्षा', नई पीढ़ी की इस ट्रेन के लिए एक खास पहचान है।

इस वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में 'कवच' सेफ्टी सिस्टम, इमरजेंसी पैसेंजर टॉक-बैक यूनिट और एडवांस्ड कंट्रोल वाला एक अत्याधुनिक ड्राइवर कैब लगा है। इसका एयरो-डायनैमिक बाहरी हिस्सा और शानदार इंटीरियर स्वदेशी रेल इंजीनियरिंग और डिज़ाइन में नवीनतम उपलब्धियों को प्रदर्शित करते हैं। इस सेवा के शुरू होने से असम और पश्चिम बंगाल के बीच कनेक्टिविटी में काफी सुधार होगा। इससे जिन मुख्य जिलों को फायदा होगा, उनमें असम में कामरूप मेट्रोपॉलिटन एवं बोंगाईगांव और पश्चिम बंगाल में कोचबिहार, जलपाईगुड़ी, मालदा, मुर्शिदाबाद, पूर्व बर्द्धमान, हुगली एवं हावड़ा शामिल हैं। इस ट्रेन सेवा से तेज क्षेत्रीय आवाजाही, व्यापार, पर्यटन और सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।

नॉर्थ-ईस्ट फ्रंटियर (एनएफ) रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी कपिंजल किशोर शर्मा ने विज्ञप्ति द्वारा उपरोक्त जानकारी दी है। कहा है कि, भारत की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की शुरुआत भारतीय रेलवे की इनोवेशन, यात्रियों पर फोकस वाली सेवाओं और देश के लिए एक आधुनिक, भविष्य के लिए तैयार रेल नेटवर्क के विजन के प्रति मजबूत प्रतिबद्धता को पुनः दोहराती है।

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