

सिलीगुड़ी : निजी नर्सिंग होम में मरीजों को मिल रही स्वास्थ्य सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्था की जांच को लेकर राज्य स्वास्थ्य विभाग ने सिलीगुड़ी में अभियान शुरू किया है। शनिवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शहर के कई नर्सिंग होम और निजी स्वास्थ्य संस्थानों का दौरा कर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान बुनियादी ढांचे से लेकर लाइसेंस, फायर सेफ्टी, एंबुलेंस और मरीजों की सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं की पड़ताल की गई। पाकुरतला मोड़ स्थित जी.बी. दास नर्सिंग होम, मित्र नर्सिंग होम, मुखर्जी हॉस्पिटल समेत कई स्वास्थ्य संस्थानों में टीम पहुंची।हाकिमपाड़ा स्थित बासु नर्सिंग होम में भी स्वास्थ्य विभाग की टीम के निरीक्षण की जानकारी सामने आई है। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने यह देखा कि नर्सिंग होम में निर्धारित नियमों के अनुसार आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं या नहीं।खास तौर पर फायर सेफ्टी सिस्टम और फायर लाइसेंस की जांच की गई। आग लगने जैसी आपात स्थिति में मरीजों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए वैकल्पिक रास्ते और पर्याप्त इंतजाम हैं या नहीं, इसकी भी पड़ताल की गई। इस दौरान स्वास्थ्य कमिश्नर विश्वजीत बसु निरीक्षण में शामिल रहे। टीम ने निरीक्षण के दौरान मरीजों और उनके परिजनों की शिकायतों के साथ इलाज से संबंधित व्यवस्थाओं को भी देखा। इस दौरान आपात स्थिति में बाहर निकलने वाले गेट के सामने गाड़ियों की पार्किंग देखकर से अधिकारी भड़के।स्वास्थ्य कमिश्नर विश्वजीत बसु ने कहा कि विभाग का काम क्लिनिकल संस्थानों की निगरानी करना है। उन्होंने बताया कि निरीक्षण के दौरान मरीज के इलाज से जुड़ी सभी व्यवस्थाओं को देखा गया। मरीजों और उनके परिजनों की शिकायतों, खासकर बिलिंग से जुड़ी शिकायतों पर भी नजर रहेगी। मालूम हो कि शहर के कुछ नर्सिंग होम को लेकर पहले भी बिलिंग, बुनियादी ढांचे और अन्य व्यवस्थाओं से संबंधित शिकायतें सामने आती रही हैं। वहीं, कुछ समय पहले एक नर्सिंग होम में आग लगने की घटना में मशीनें क्षतिग्रस्त होने की बात भी सामने आई थी। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग के निरीक्षण में फायर सेफ्टी व्यवस्था को विशेष महत्व दिया गया। अधिकारियों के मुताबिक, इस अभियान का उद्देश्य निजी स्वास्थ्य संस्थानों में नियमों के पालन और मरीजों की सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं की स्थिति का आकलन करना है। निरीक्षण के दौरान सामने आने वाली कमियों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।