

गंगटोक: सिक्किम मारवाड़ी समाज के 135वें स्थापना दिवस के अवसर पर मंगलवार को गंगटोक में भव्य समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सिक्किम के राज्यपाल ओम प्रकाश माथुर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। समारोह में मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तामांग की भी गरिमामयी उपस्थिति रही। इसके अलावा कैबिनेट मंत्री, विधायक, जनप्रतिनिधि, ऑल इंडिया मारवाड़ी फेडरेशन के पदाधिकारी, सिक्किम मारवाड़ी समाज के अध्यक्ष सज्जन अग्रवाल समेत राज्य के विभिन्न हिस्सों से आए समाज के लोग मौजूद रहे।
समारोह के दौरान ऑल इंडिया मारवाड़ी फेडरेशन की ओर से राज्यपाल का अभिनंदन किया गया। वहीं, सिक्किम मारवाड़ी समाज की ओर से पारंपरिक साफा पहनाकर उनका स्वागत और सम्मान किया गया।
अपने संबोधन में राज्यपाल ओम प्रकाश माथुर ने मारवाड़ी समुदाय की उद्यमशीलता, मेहनत और संघर्षशीलता का उल्लेख करते हुए प्रसिद्ध कहावत, “जहां न पहुंचे बैलगाड़ी, वहां पहुंचें मारवाड़ी” से अपनी बात की शुरुआत की। उन्होंने सिक्किम के सामाजिक और आर्थिक विकास में मारवाड़ी समाज के 135 वर्षों के योगदान की सराहना की।
राज्यपाल ने कहा कि एक सदी से अधिक लंबे सफर में समुदाय ने अपनी मेहनत, संघर्ष और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के माध्यम से सिक्किम में विशिष्ट पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि मारवाड़ी समाज स्थानीय समुदायों के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध कायम करते हुए राज्य के विकास का हिस्सा बना है।
उन्होंने समुदाय की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि का उल्लेख करते हुए कहा कि कठिन परिस्थितियों ने मारवाड़ी समाज में परिश्रम और संघर्ष की भावना को मजबूत किया। उन्होंने युवाओं और व्यवसायियों से नए अवसर तलाशने, नवाचार को बढ़ावा देने तथा व्यापार के साथ सामाजिक और जनकल्याण के कार्यों में भी सक्रिय भागीदारी बढ़ाने का आह्वान किया।
राज्यपाल ने कहा कि ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य में सिक्किम के मारवाड़ी समाज की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो सकती है। समारोह के दौरान राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं पर आधारित रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए।