

सिलीगुड़ी : शहर के महत्वपूर्ण फुलेश्वरी रेलगेट के बंद होने से आम लोगों की आवाजाही पर असर पड़ने लगा है। जंक्शन से एनजेपी तक डबल लाइन बिछाने के काम के चलते रेलवे की ओर से फुलेश्वरी रेलगेट को बंद कर दिया गया है। इसके बाद स्थानीय लोगों के लिए आवागमन का मुख्य विकल्प आंडरपास रह गया है। हालांकि, आंडरपास की खराब स्थिति के कारण लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि आंडरपास की सड़क कई जगहों पर जर्जर है। कहीं गड्ढे बने हुए हैं तो कहीं गंदा पानी जमा है। बारिश के बाद स्थिति और खराब हो जाती है। ऐसे में रोजाना इस रास्ते से आने-जाने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि रेलगेट बंद करने से पहले वैकल्पिक रास्ते की बेहतर व्यवस्था नहीं की गई।
फुलेश्वरी रेलगेट बंद होने के बाद बड़ी संख्या में लोग आंडरपास का इस्तेमाल कर रहे हैं। लेकिन सड़क की खराब स्थिति के कारण वाहन चालकों के साथ पैदल राहगीरों को भी दिक्कत हो रही है। लोगों का कहना है कि यदि लंबे समय तक रेलगेट बंद रखा जाता है तो आंडरपास की व्यवस्था को दुरुस्त करना बेहद जरूरी है।
इस मुद्दे को लेकर अब माकपा भी मुखर हो गई है। फुलेश्वरी रेलगेट को जल्द खोलने की मांग को लेकर पार्टी की ओर से विरोध जताया गया। वरिष्ठ वाम नेता अशोक भट्टाचार्य ने कहा कि रेलवे के विकास कार्य जरूरी हैं, लेकिन इसके कारण आम लोगों को लगातार परेशानी में नहीं छोड़ा जा सकता।लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेलगेट को जल्द खोलने की व्यवस्था की जानी चाहिए।अशोक भट्टाचार्य ने यह भी दावा किया कि रेलवे की ओर से सिलीगुड़ी के कुछ अन्य रेलगेटों को बंद करने की योजना की जानकारी मिली है।उन्होंने कहा कि आम लोगों के हितों की अनदेखी कर किसी भी रेलगेट को बंद करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इस मुद्दे को लेकर आगे भी आंदोलन करने की चेतावनी दी गई है।