

सिलीगुड़ी : दुर्गापूजा से पहले जहां बाजारों में कारोबार बढ़ने की उम्मीद रहती है, वहीं फुलेश्वरी बाजार के व्यापारियों की चिंता बढ़ गई है। फुलेश्वरी रेलगेट बंद होने के बाद ग्राहकों की संख्या में कमी आने का दावा करते हुए इलाके के तीन अलग-अलग व्यापारी संगठनों ने एकजुट होकर आंदोलन का फैसला किया है। व्यापारियों ने आगामी 8 अक्टूबर, गुरुवार को पूरे दिन दुकानें बंद रखने और रेलगेट इलाके में धरना-प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है। हालांकि, सिलीगुड़ी के विधायक और पर्यटन मंत्री शंकर घोष ने व्यापारियों से हड़ताल नहीं करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि व्यापारियों की मांगों को उचित स्थान तक पहुंचाया जाएगा और समस्या के समाधान के लिए प्रयास किया जाएगा।व्यापारी संगठनों का कहना है कि फुलेश्वरी रेलगेट स्थायी रूप से बंद किए जाने के बाद आम लोगों के लिए पैदल आवाजाही भी मुश्किल हो गई है। इसका सीधा असर बाजार के कारोबार पर पड़ रहा है। फुलेश्वरी सब्जी बाजार व्यवसायी समिति के सचिव संजय पाल ने कहा कि रेलगेट बंद होने के बाद सुबह से दोपहर तक बाजार में बिक्री शुरू नहीं हो पा रही है। उन्होंने रेलगेट से कम से कम पैदल आवाजाही की व्यवस्था बहाल करने की मांग की। दरअसल, एनजेपी-सिलीगुड़ी जंक्शन रूट पर डबल लाइन के काम के लिए जमीन अधिग्रहण और अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया चल रही है। इसी के तहत 26 सितंबर की रात अचानक फुलेश्वरी रेलगेट बंद कर दिया गया। वैकल्पिक रास्ते के तौर पर फुलेश्वरी अंडरपास मौजूद है, लेकिन व्यापारियों का आरोप है कि वहां गड्ढों और गंदे पानी के कारण लोगों को काफी परेशानी होती है।व्यापारियों के मुताबिक, उत्तर भारतनगर और डाबग्राम इलाके के कई ग्राहक रेलगेट बंद होने के बाद फुलेश्वरी बाजार आने से बच रहे हैं। बड़ी संख्या में ग्राहक अब सुभाषपल्ली और शांतिनगर बोउ बाजार की ओर जा रहे हैं। फुलेश्वरी खुदरा मछली व्यवसायी समिति के सचिव समीर दास ने कहा कि अंडरपास से होकर बाजार तक पहुंचने में लोगों को परेशानी हो रही है, इसलिए व्यापारी आंदोलन के लिए मजबूर हुए हैं। फुलेश्वरी बाजार व्यापारी समिति के अध्यक्ष प्रसेनजीत चक्रवर्ती ने भी कहा कि अंडरपास से पैदल आवाजाही करना मुश्किल है। उनका कहना है कि यदि रेलगेट से केवल पैदल आवाजाही की अनुमति दे दी जाए तो लोगों और व्यापारियों दोनों को राहत मिल सकती है।