

सिलीगुड़ी : चिट फंड पीड़ितों को न्याय दिलाने को चिटफंड सफ़रर्स एंड एजेंट्स यूनिटी फोरम (नॉर्थ बंगाल), अमानतकारी एजेंट सुरक्षा मंच (पश्चिम बंग) और चिट फंड पीड़ित जनता (दार्जिलिंग व कालिम्पोंग जिला) नामक संगठन संयुक्त रूप में आगे आए हैं। इन संगठनों के प्रतिनिधियों की गुरुवार को सिलीगुड़ी के एक होटल में संयुक्त सभा हुई।
इस अवसर पर चिटफंड सफ़रर्स एंड एजेंट्स यूनिटी फोरम (नॉर्थ बंगाल) के संयोजक पार्थ मैत्रा ने कहा कि, गत 13 सालों से चिटफंड में ठगे गए लोगों के पैसे वापस दिलाने के लिए हम लोग आंदोलन कर रहे हैं। उसी का फल मिला कि 55 चिट फंड कंपनियों की प्रॉपर्टी को नीलाम करके पीड़ित निवेशकाें को रुपये वापस लौटाए जाने का काम शुरू हो चुका है। अब तक लगभग 100 करोड़ रुपये वापस किए जा चुके हैं। वहीं, अब चिट फंड पीड़ितों के लिए रुपये वापसी के दावे हेतु ऑनलाइन प्रक्रिया भी चल रही है। इसको लेकर हम लोग जगह-जगह शिविर लगाएंगे। चिट फंड पीड़ितों को आमंत्रित करेंगे और उनके निवेश के रुपये वापस करने के दावे को लेकर वृहद स्तर पर ऑनलाइन आवेदन करवाएंगे।
उन्होंने बताया कि, गत वर्ष 2025 के अगस्त महीने से ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया जारी है। कोई भी पीड़ित आवश्यक दस्तावेजों के साथ https://www.justicesptalukdarcommittee.com/InvestorList.aspx वेबसाइट के माध्यम से स्वयं भी अपने मोबाइल अथवा लैपटॉप या कंप्यूटर से ऑनलाईन आवेदन कर सकते हैं। वहां चिट फंड कंपनी का नाम सेलेक्ट करना होगा। निवेशक का नाम, सर्टिफिकेट नंबर व कैप्चा डालते ही विवरण आ जाएगा। फिर, आगे निर्देशानुसार आवेदन पूरा करना होगा। अपने आसपास के डिजिट सेवा केंद्र से यह आवेदन करवाया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि, हम लोगों ने 157 चिट फंड कंपनियों के विरुद्ध हाई कोर्ट में मुकदम दायर किया था। सुप्रीम कोर्ट तक भी गए थे। उसके बाद रोज वैली चिट फंड कंपनी के मामले हेतु जांच को एक पूर्व न्यायाधीश दिलीप सेठ के नेतृत्व में रोज वैली ऐस्ससेट्स डिस्पोजल कमेटी और बाकी अन्य तमाम चिट फंड कंपनियों के लिए पूर्व न्यायाधीश एसपी तालुकदार के नेतृत्व में एक कमेटी गठित हुई। वर्ष 2015 से हमारी लड़ाई शुरू हुई।
2018 में 152 कंपनी और बाद में 5 कुल 157 चिट फंड कंपनी के विरुद्ध मामला हुआ। फिर, उपरोक्त कमेटियांग गठित हुईं। जांच हुई और चिट फंड कंपनियों की सपित्तियों की नीलामी कर उससे प्राप्त रुपयों में से निवेशकों को उनके निवेश के रुपये लौटाए जाने की कवायद शुरू हुई। इससे अभी तक जो लोग अनभिज्ञ हैं वे अविलंब आवेदन कर अपने डूबे रुपये वापस पाने को आगे आएं।