वन मंत्री ने जंगली क्षेत्रों में पर्यटकों से एंट्री फीस हटाने पर उठाए सवाल

वन मंत्री मनोज ओड़ाओ व अन्य
वन मंत्री मनोज ओड़ाओ व अन्य
Published on

जलपाईगुड़ी: पश्चिम बंगाल के वन मंत्री मनोज ओड़ाओ ने जंगली क्षेत्रों में पर्यटकों के प्रवेश शुल्क हटाने के फैसले को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से वन विभाग के राजस्व में कमी आई है और संयुक्त वन प्रबंधन समितियों के माध्यम से वनवासी समुदाय को मिलने वाली आय भी प्रभावित हुई है। चापरामारी अभयारण्य के सम्मेलन हॉल में उत्तर बंगाल के वन अधिकारियों के साथ बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए मंत्री ने कहा कि इस फैसले के कारण पर्यटन बुकिंग प्रभावित हुई है और स्थानीय लोगों की आय पर भी असर पड़ा है।

उन्होंने यह भी कहा कि वन विभाग को वाहनों के ईंधन, वन्यजीवों के लिए भोजन, कर्मचारियों की कमी और अन्य संसाधनों की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि संरक्षित वन क्षेत्र के 1 किलोमीटर के दायरे में किसी भी नए अवैध निर्माण की अनुमति नहीं दी जाएगी और अगर कोई अधिकारी इसमें संलिप्त पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। पुराने अवैध निर्माणों पर भी ब्लूप्रिंट तैयार कर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

मनोज ओड़ाओ ने कहा कि राज्य में पर्यावरण संरक्षण और इको-टूरिज्म को संतुलित तरीके से बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि वन्यजीवों और जंगलों की सुरक्षा बनी रहे और साथ ही राजस्व भी बढ़े। बैठक में उत्तर बंगाल के सभी वन अधिकारी मौजूद थे। इसके अलावा जलपाईगुड़ी के सांसद डॉ. जयंत राय, नागराकाटा के विधायक पुना भेंगरा और मालबाजार के विधायक शुक्रा मुंडा भी उपस्थित रहे।

Google पर संवाद सर्च बनाएं →
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in