अलीपुरदुआर: भूटान सीमा से सटे दलसिंगपाड़ा ग्राम पंचायत के अंतर्गत रणबहादुर बस्ती में तोरसा नदी का लगातार बढ़ता कटाव स्थानीय लोगों के लिए गंभीर चिंता का कारण बन गया है। बरसात शुरू होते ही नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ कटाव भी तेज हो गया है, जिससे नदी किनारे बसे परिवारों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले दिनों में कई घरों और कृषि भूमि पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है। स्थानीय लोगों के अनुसार क्षेत्र में कुछ हिस्सों में बांध मौजूद है, लेकिन अधिकांश इलाका अब भी असुरक्षित है। पिछले कुछ वर्षों में करीब 300 मीटर बांध नदी के तेज बहाव में बह चुका है, जबकि कई स्थानों पर लगातार कटाव जारी है। ग्रामीणों ने बताया कि कटाव के कारण कई परिवार अपनी कृषि भूमि और संपत्ति पहले ही खो चुके हैं, जिससे उनकी आजीविका पर भी गहरा असर पड़ा है। नदी के तेज बहाव के चलते पानी अब जंगल क्षेत्र के भीतर से भी बहने लगा है, जिससे स्थिति और अधिक गंभीर हो गई है।
कालचीनी के विधायक और राज्य प्रतिमंत्री ने क्षेत्र का दौरा किया
स्थिति का जायजा लेने के लिए कालचीनी के विधायक एवं राज्य प्रतिमंत्री विशाल लामा ने प्रभावित इलाके का दौरा किया और ग्रामीणों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि तोरसा नदी किनारे बसे गांव लंबे समय से इस समस्या से जूझ रहे हैं और स्थायी समाधान के लिए सरकार गंभीर है। मंत्री विशाल लामा ने बताया कि मानसून से पहले सिंचाई विभाग के साथ बैठकें की गई हैं और संवेदनशील क्षेत्रों में ड्रेजिंग कार्य भी कराया गया है। साथ ही स्थायी सुरक्षा के लिए मजबूत बांध निर्माण का डीपीआर और अनुमान तैयार किया जा रहा है। बजट के बाद इस दिशा में ठोस कार्य शुरू करने की योजना है। ग्रामीणों ने मांग की है कि केवल आंशिक नहीं, बल्कि पूरे प्रभावित क्षेत्र में स्थायी और मजबूत बांध का निर्माण किया जाए, ताकि भविष्य में कटाव को रोका जा सके और लोगों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। अब क्षेत्र के लोग सरकार की आगामी कार्रवाई पर नजर बनाए हुए हैं।