टांगन नदी के कटाव से राधिकापुर के चकदिलाल गांव में बढ़ा खतरा

टांगन नदी के कटाव से प्रभावित राधिकापुर इलाके
टांगन नदी के कटाव से प्रभावित राधिकापुर इलाके
Published on

 कालियागंज: बरसात की शुरुआत के साथ ही कालियागंज ब्लॉक के भारत-बांग्लादेश सीमा क्षेत्र स्थित राधिकापुर इलाके में टांगन नदी के कटाव को लेकर एक बार फिर ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। सबसे अधिक खतरे में चकदिलाल गांव के लोग हैं, जहां हर साल नदी का कटाव गंभीर समस्या बन जाता है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बरसात शुरू होने के बावजूद नदी कटाव रोकने के लिए अब तक कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है। ग्रामीणों के अनुसार, टांगन नदी के कई हिस्सों में तटबंध कमजोर और क्षतिग्रस्त अवस्था में हैं। बारिश के दौरान जलस्तर बढ़ने पर कटाव और तेज हो जाता है, जिससे नदी का पानी कई बार गांव में घुस जाता है और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। राधिकापुर के सेवानिवृत्त शिक्षक मुकुल चक्रवर्ती ने नाराजगी जताते हुए कहा कि नदी कटाव रोकने का काम बरसात से पहले पूरा होना चाहिए, लेकिन अक्सर काम देर से शुरू होता है, जिससे स्थायी समाधान नहीं निकल पाता और केवल अस्थायी मरम्मत कर हालात को संभालने की कोशिश की जाती है।

जिले के कई नदी तटबंध लंबे समय से जर्जर, लेकिन विभागीय उदासीनता का आरोप

ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि जिले के विभिन्न नदी तटबंधों के कई हिस्से लंबे समय से क्षतिग्रस्त और जोखिमपूर्ण स्थिति में हैं, लेकिन संबंधित विभाग की ओर से पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है। चकदिलाल सहित टांगन नदी किनारे बसे गांवों के लोगों ने मांग की है कि बरसात की तीव्रता बढ़ने से पहले संवेदनशील इलाकों में तुरंत मरम्मत और सुरक्षा कार्य शुरू किए जाएं, ताकि संभावित बाढ़ और बड़े नुकसान से बचा जा सके। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं कालियागंज के विधायक उत्पल महाराज तक भी पहुंचाई हैं। लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द इस दिशा में आवश्यक कदम उठाएगा। हालांकि, क्षेत्र में नदी प्रबंधन और बाढ़ नियंत्रण के लिए बड़े प्रोजेक्ट की कमी को लेकर भी चिंता जताई जा रही है। ग्रामीणों ने मांग की है कि टांगन नदी के कटाव को रोकने के लिए स्थायी और प्रभावी समाधान लागू किया जाए, ताकि हर साल की इस परेशानी से राहत मिल सके।

Google पर संवाद सर्च बनाएं →
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in