

सिलीगुड़ी: सड़क चौड़ी थी, लेकिन धीरे-धीरे उसके किनारे बढ़ते निर्माण ने रास्ता संकरा कर दिया। सिलीगुड़ी के ईस्टर्न बाइपास से सटे खोलाचंद फाफड़ी वन क्षेत्र में सड़क की जमीन पर कथित कब्जा कर दुकानें बनाए जाने के आरोप ने अब तूल पकड़ लिया है। स्थानीय लोगों का दावा है कि जिस सड़क की चौड़ाई पहले करीब 30 से 35 फीट थी, वह अब कई जगहों पर घटकर महज 12 से 15 फीट रह गई है।लगातार शिकायतों के बाद गुरुवार को बीएलआरओ अधिकारी मौके पर पहुंचे और पूरे मामले की जांच शुरू की। अधिकारी के पहुंचते ही इलाके में लोगों की भीड़ जुट गई।स्थानीय लोगों ने सड़क की जमीन पर कथित अतिक्रमण और निर्माण को लेकर अपनी शिकायतें अधिकारियों के सामने रखीं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क की जमीन पर कब्जा कर कई जगहों पर दुकानें बनाई गई हैं। इतना ही नहीं, कुछ लोगों का दावा है कि कथित तौर पर इन दुकानों को आगे बेचने का काम भी किया गया है। लोगों ने इलाके में जमीन माफिया की कथित सक्रियता और दखल का भी आरोप लगाया है। बताया जा रहा है कि सत्ता परिवर्तन के बाद इस मामले को लेकर कई बार शिकायतें दर्ज कराई गई थीं। शिकायतों के बाद अब प्रशासनिक स्तर पर जमीन की वास्तविक स्थिति की जांच शुरू हुई है। बीएलआरओ अधिकारी नक्शे और जमीन से जुड़े रिकॉर्ड के आधार पर यह पता लगाने में जुटे हैं कि सड़क की निर्धारित चौड़ाई कितनी है और मौके पर कितना हिस्सा कथित तौर पर कब्जे में है।हालांकि, जमीन कब्जाने और जमीन माफिया की संलिप्तता से जुड़े स्थानीय लोगों के आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। प्रशासनिक जांच पूरी होने के बाद ही तस्वीर साफ होगी कि सड़क की जमीन पर वास्तव में कितना अतिक्रमण हुआ है और इसके लिए कौन जिम्मेदार है। फिलहाल स्थानीय लोगों ने कहा कि बीएलआरओ की जांच के बाद प्रशासन की ओर से क्या कार्रवाई की जाती है, यह देखने वाली बात होगी।