

मालबाजार : जंगल लौटने के दौरान लोगों की बाधा के कारण जंगली हाथियों के झुंड को अपना रास्ता बदलना पड़ा। रविवार तड़के माल ब्लॉक के कुमलाई ग्राम पंचायत अंतर्गत नेपुचापुर चाय बागान के 10 नंबर सेक्शन में हाथियों का झुंड पहुंच गया। अचानक चाय बागान में हाथियों की मौजूदगी से श्रमिकों और आसपास के निवासियों में दहशत फैल गई। वहीं, हाथियों को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग भी मौके पर जुटने लगे।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, हाथियों का झुंड पास के गोरुमारा जंगल से निकलकर अपने पारंपरिक कॉरिडोर के रास्ते दूसरे जंगल की ओर जा रहा था। लेकिन कॉरिडोर के रास्ते में तारघेरा जंगल के दोनों ओर धान की फसल लगी हुई है। फसल को हाथियों से बचाने के लिए स्थानीय लोग रात से ही बम और पटाखे लेकर पहरा दे रहे थे।
रविवार तड़के जैसे ही हाथियों का झुंड वहां पहुंचा, स्थानीय लोगों ने बम और पटाखे फोड़ने शुरू कर दिए। लोगों की इस बाधा के कारण हाथी अपने निर्धारित कॉरिडोर से आगे नहीं बढ़ सके और उन्हें वापस लौटना पड़ा। इसके बाद झुंड ने अपना रास्ता बदल लिया और नेपुचापुर चाय बागान के 10 नंबर सेक्शन में पहुंचकर शरण ली।
घटना की सूचना मिलते ही माल स्क्वाड के वनकर्मी मौके पर पहुंचे और हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखने लगे। हाथी-मानव संघर्ष की आशंका को देखते हुए माल थाने की पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंची। वनकर्मियों ने लोगों से हाथियों के करीब नहीं जाने और सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की।
चाय बागान में हाथियों के पहुंचने की खबर फैलते ही उन्हें देखने के लिए लोगों की भीड़ जुटने लगी। वन विभाग की ओर से लोगों को हाथियों को परेशान नहीं करने की हिदायत दी गई है। वन अधिकारियों को उम्मीद है कि शाम होने के बाद हाथियों का झुंड खुद ही चाय बागान से निकलकर जंगल की ओर लौट जाएगा। तब तक वनकर्मी उनकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखेंगे।
हालांकि, हाथियों के पारंपरिक कॉरिडोर के रास्ते में धान की फसल और लोगों की मौजूदगी के कारण उनके प्राकृतिक आवागमन में बाधा उत्पन्न हो रही है। इससे इलाके में एक बार फिर हाथी-मानव संघर्ष की आशंका बढ़ गई है।