रेल लाइन हटाने की मांग तेज, नागरिक समाज ने सांसद को सौंपा ज्ञापन

सांसद मनोज टिग्गा से बातचीत करते लोग
सांसद मनोज टिग्गा से बातचीत करते लोग
Published on

अलीपुरदुआर : शहर के बीचों-बीच से गुजर रही रेललाइन को हटाने की मांग को लेकर रविवार को नागरिक समाज ने सांसद मनोज टिग्गा से मुलाकात कर एक स्मारक पत्र सौंपा। शहर के समग्र विकास, सुचारु यातायात व्यवस्था और आम लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लंबे समय से इस रेललाइन को हटाने की मांग उठती रही है। नागरिक समाज का मानना है कि यह रेललाइन शहर के विकास में एक बड़ी बाधा बन चुकी है। उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पहले एक पत्रकार सम्मेलन के दौरान स्वयं सांसद मनोज टिग्गा ने अलीपुरदुआर शहर को दो हिस्सों में बांटने वाली इस रेललाइन को हटाने का प्रस्ताव सामने रखा था। उस समय उन्होंने स्पष्ट किया था कि इस विषय में किसी भी प्रकार का अंतिम निर्णय लेने से पहले आम जनता की राय और सहमति को प्राथमिकता दी जाएगी। इसी क्रम में नागरिक समाज की ओर से यह ज्ञापन सौंपा गया।

रविवार को ज्ञापन सौंपते समय नागरिक समाज के प्रतिनिधियों ने सांसद को बताया कि रेललाइन के कारण शहर में आए दिन जाम की स्थिति बनी रहती है। स्कूल जाने वाले छात्र, बुजुर्ग और मरीजों को खास तौर पर भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा, रेलवे फाटक पर दुर्घटनाओं की आशंका हमेशा बनी रहती है, जिससे आम नागरिकों की जान को खतरा रहता है। नागरिक समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि यादवइस रेललाइन को शहर के बाहर स्थानांतरित किया जाता है, तो अलीपुरदुआर की सड़क संपर्क व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार होगा। साथ ही शहर के दोनों हिस्सों को जोड़ने के लिए नए रास्ते, फ्लाईओवर या चौड़ी सड़कें बनाने का अवसर मिलेगा, जिससे नगर विकास की गति और तेज होगी। इससे न केवल व्यापार और आवागमन को लाभ होगा, बल्कि लोगों की दैनिक जीवनशैली भी अधिक सुगम और सुरक्षित बन सकेगी। सांसद मनोज टिग्गा ने नागरिक समाज द्वारा सौंपे गए ज्ञापन को स्वीकार करते हुए कहा कि यह एक महत्वपूर्ण और जनहित से जुड़ा विषय है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जनता की भावनाओं और सुझावों को ध्यान में रखते हुए इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार किया जाएगा और संबंधित विभागों से आवश्यक बातचीत की जाएगी।

सांसद मनोज टिग्गा से बातचीत करते लोग

संबंधित समाचार

No stories found.

कोलकाता सिटी

No stories found.

खेल

No stories found.
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in