लक्ष्मण नायक की प्रतिमा स्थापना और लिपि की सरकारी मान्यता की मांग

समारोह में नृत्य करती बालिकाएं
समारोह में नृत्य करती बालिकाएं
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नागराकाटा: डुआर्स–तराई क्षेत्र के उड़िया समाज द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में स्वतंत्रता सेनानी लक्ष्मण नायक की प्रतिमा स्थापना की मांग प्रखर रूप से उठी। रविवार को नागराकाटा में इस महान स्वतंत्रता सेनानी की 126वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित समारोह में उनके अदम्य साहस, संघर्ष और आत्मबलिदान को कृतज्ञतापूर्वक स्मरण किया गया। कार्यक्रम में आदिवासी समुदाय के उड़िया समाज की अपनी लिपि को सरकारी मान्यता देने की मांग भी प्रमुखता से सामने आई। उड़िया वेलफेयर एंड डेवलपमेंट सोसाइटी द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में अलीपुरदुआर के सांसद मनोज टिग्गा, नागराकाटा के विधायक पुना़ भेंगरा, नागराकाटा पंचायत समिति के अध्यक्ष संजय कूजुर, जलपाईगुड़ी जिला परिषद की सदस्य स्नोमिता कालांदी और पूर्णिमा टार्गे सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। संगठन की ओर से कोषाध्यक्ष अशिष पोर्जा ने कहा कि डुआर्स–तराई क्षेत्र में न्यूनतम 30 हजार उड़िया लोगों का निवास है, जो सामाजिक और आर्थिक दृष्टि से अब भी काफी पिछड़े हुए हैं। हमारी सभी मांगों के प्रति सरकार का ध्यान आकर्षित करने का निर्णय लिया गया है। दिन के कार्यक्रम में लक्ष्मण नायक के जीवन–दर्शन और उनके आदर्शों पर शंकर पोर्जा, मैक्सवेल प्रीतम बेनिया सहित उड़िया समाज के कई प्रबुद्ध वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किए।

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