दार्जिलिंग थाने में महिला से पुलिस बर्बरता की निंदा, कार्रवाई की मांग

दार्जिलिंग थाने में महिला से पुलिस बर्बरता की निंदा, कार्रवाई की मांग
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कर्सियांग: इंडियन गोरखा जनशक्ति फ्रंट की नेता एवं अधिवक्ता बंदना राई ने टुकवर क्षेत्र की दो वर्षीय बच्ची की मां के साथ दार्जिलिंग पुलिस थाने में कथित पुलिस बर्बरता की कड़ी निंदा की है। उन्होंने मामले की तत्काल निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच कर दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों को निलंबित करने तथा कानून के अनुसार कार्रवाई की मांग की है। बंदना राई ने कहा कि जांच के नाम पर किसी भी व्यक्ति के साथ हिंसा नहीं की जानी चाहिए। उनके अनुसार, पीड़िता ने उन्हें बताया कि पुलिसकर्मी उसे उसके घर से कथित तौर पर घसीटकर बाहर ले गए। इस दौरान उसके साथ थप्पड़ मारने, बाल खींचने और धक्का-मुक्की करने का आरोप है। उस समय पीड़िता के साथ उसकी दो वर्षीय बच्ची भी मौजूद थी। बंदना राई के मुताबिक, महिला और उसकी दो वर्षीय बच्ची को दार्जिलिंग पुलिस थाने ले जाया गया, जहां पीड़िता ने आरोप लगाया कि तीन महिला पुलिसकर्मियों ने लाठियों से उसकी पिटाई की। वहीं, पुरुष पुलिसकर्मी कथित तौर पर मूकदर्शक बने रहे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पीड़िता को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 35 के तहत कोई नोटिस नहीं दिया गया। इंडियन गोरखा जनशक्ति फ्रंट की नेता ने संबंधित अधिकारियों से पूरे मामले की तत्काल, निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि जांच में आरोप सही पाए जाने पर संबंधित महिला और पुरुष पुलिसकर्मियों को तत्काल निलंबित कर उनके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

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