

सिलीगुड़ी : करीब एक महीने तक चले राजनीतिक तनाव और चुनावी रैलियों की व्यस्तता के बाद क्वीन ऑफ हिल्स दार्जिलिंग एक बार फिर अपने पुराने रंग में लौट आया है। गुरुवार को मतदान खत्म होते ही शहर के प्रमुख पर्यटन स्थल मॉल, चौरास्ता और अन्य इलाकों में रौनक वापस आने लगी है। शुक्रवार से ही पर्यटकों की आवाजाही में बढ़ोतरी देखी जा रही है। जहां मैदानी इलाकों में गर्मी बढ़ रही है, वहीं दार्जिलिंग का सुहावना मौसम कभी घना कोहरा, कभी हल्की बारिश और धूप की लुकाछिपी पर्यटकों को खासा आकर्षित कर रहा है।
चुनाव के चलते पिछले कुछ दिनों में पर्यटकों की संख्या में कमी आई थी, लेकिन अब हालात तेजी से बदल रहे हैं। फिलहाल दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, मुंबई और पुणे जैसे शहरों से पर्यटक यहां पहुंच रहे हैं। भुटिया मार्केट और गांधी रोड के फूड स्टॉल्स पर मोमो, थुकपा, शाफाले और गर्म चाय का आनंद लेते पर्यटकों की भीड़ नजर आ रही है। साथ ही लोकल व्यंजनों जैसे चुरपी, सेल रोटी और आलू दम भी लोगों की पसंद बने हुए हैं।
दार्जिलिंग होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष विजय खन्ना के अनुसार, बाहरी राज्यों से पर्यटक आना शुरू हो गए हैं, लेकिन स्थानीय पर्यटकों की संख्या राज्य में चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही बढ़ेगी। फिलहाल दार्जिलिंग में लगभग 25 प्रतिशत बुकिंग बाहरी राज्यों के पर्यटकों की है।
राज्य इको टूरिज्म समिति के चेयरमैन राज बसु का मानना है कि जैसे ही मैदानी इलाकों में स्कूलों की गर्मी की छुट्टियां शुरू होंगी, पर्यटकों की संख्या और बढ़ेगी। वहीं स्थानीय व्यापारियों में भी उम्मीद जगी है। उनका कहना है कि यह पहाड़ों का पीक सीजन है और सभी की नजर अब पर्यटन पर टिकी है।