नागराकाटा: नागराकाटा प्रखंड के लुकसान ग्रामीण अस्पताल में एक मरीज की मौत के बाद परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए देर रात तक हंगामा किया। आक्रोशित परिजनों ने निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। बाद में पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के हस्तक्षेप से स्थिति नियंत्रित हुई। मृतक की पहचान श्याम मुंडा (50), ग्रासमोड़ चाय बागान के केरन लाइन, लुकसान हाई रोड निवासी के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, गुरुवार सुबह करीब 8 बजे दस्त की शिकायत पर उन्हें अस्पताल लाया गया, जहां उस समय डॉक्टर मौजूद नहीं थे। परिजनों का आरोप है कि नर्स ने फोन पर डॉक्टर से सलाह लेकर मरीज को सलाइन और इंजेक्शन देकर भर्ती किया।
स्वास्थ्य विभाग ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि मरीज गंभीर हालत में लाया गया था
आरोप है कि दिनभर मरीज की हालत सामान्य रही, लेकिन रात में स्थिति अचानक बिगड़ने लगी। उस समय भी डॉक्टर की अनुपस्थिति का आरोप लगाया गया। बाद में डॉक्टर के पहुंचने पर ऑक्सीजन सहित उपचार शुरू किया गया, लेकिन मरीज की मौत हो गई। मृत्यु की खबर मिलते ही परिजनों और स्थानीय लोगों ने अस्पताल परिसर में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया और शव उठाने से इनकार कर दिया। सूचना पर नागराकाटा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और समझाने का प्रयास किया, लेकिन परिजन कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। बाद में देर रात करीब 2:30 बजे नागराकाटा ब्लॉक स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मौल्ला इरफान हुसैन मौके पर पहुंचे और मामले की निष्पक्ष जांच व दोषियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद तड़के करीब 4 बजे शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। परिजनों का कहना है कि अस्पताल में लापरवाही के कारण मरीज की जान गई, जबकि स्वास्थ्य विभाग ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि मरीज गंभीर स्थिति में लाया गया था और उसे बचाने के प्रयास किए गए। विभाग ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। पोस्टमार्टम के बाद शुक्रवार दोपहर शव परिजनों को सौंप दिया गया।