

सोरेंग : सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तामांग ने गुरुवार को सोरेङ जिले के रेशी में रंगीत चरण-IV जलविद्युत परियोजना की वर्तमान स्थिति और निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। इस संबंध में सोरेङ डाक बंगले में एक बैठक आयोजित की गई।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने परियोजना के विभिन्न पहलुओं, चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति तथा इसके कार्यान्वयन से जुड़े मुद्दों की जानकारी ली। उन्होंने एनएचपीसी के अधिकारियों को परियोजना का कार्य कुशलता से पूरा करने तथा स्थानीय लोगों की सुविधा और जनहित को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री ने परियोजना से जुड़े सुरंग मार्गों पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि सुरंगों में पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था होनी चाहिए तथा उन्हें पैदल आवागमन के लिए सुविधाजनक और सुरक्षित बनाया जाना आवश्यक है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि परियोजना से संबंधित विभिन्न मामलों की जांच और समीक्षा के लिए राज्य सरकार के खान एवं भूविज्ञान विभाग के अधिकारियों तथा संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों को शामिल करते हुए एक समिति गठित की जाएगी। उन्होंने एनएचपीसी और प्रस्तावित समिति के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने का भी निर्देश दिया, ताकि राज्य में चल रही परियोजनाओं के कार्यान्वयन और निगरानी को सुचारु बनाया जा सके।
बैठक में एनएचपीसी के डीजीएम-एचआरटी आर. एम. साहो ने रंगीत चरण-IV जलविद्युत परियोजना की वर्तमान स्थिति पर विस्तृत प्रस्तुति दी। प्रस्तुति में डैम कंट्रोल रूम भवन, डिसिपेटिंग चैंबर एवं सेल्फ-फ्लश सुरंग, हेड रेस टनल, सर्ज शाफ्ट, पावर हाउस, टेल रेस चैनल और पॉटहेड यार्ड से संबंधित कार्यों की प्रगति की जानकारी दी गई।
इसके अलावा रेशी बांध स्थल के निकट एसएच-22/एनएच-510 से जुड़ी डायवर्जन रोड सुरंग, पुनर्वास एवं सुधारात्मक कार्यों, प्रमुख निर्माण उपकरणों की आवश्यकता तथा चुन भट्टी नाला स्लाइड जोन का भी बैठक में आकलन किया गया।
बैठक में विधानसभा अध्यक्ष एम. एन. शेरपा, सड़क एवं पुल विभाग के मंत्री एन. बी. दाहाल, भवन एवं आवास विभाग के मंत्री भीम हांग लिम्बू, मुख्यमंत्री के राजनीतिक सचिव जैकब खालिंग, विधायकगण, सोरेङ के जिलाधिकारी धीरज सुब्बा, अतिरिक्त जिलाधिकारी डी. आर. बिष्ट, उप-मंडलाधिकारी, सड़क एवं पुल विभाग के अधीक्षण अभियंता तारा सुब्बा, एनएचपीसी के प्रतिनिधि तथा संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।