मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तामांग ने ईएपी ढांचे को मजबूत बनाने पर जोर दिया

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सितारमणकी, मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तामांग व अन्य
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सितारमणकी, मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तामांग व अन्य
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गंगटोक: सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तामांग ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सितारमणकी की अध्यक्षता में आयोजित बाह्य सहायता प्राप्त परियोजनाओं पर संगोष्ठी में भाग लिया। इस बैठक में पूर्वोत्तर राज्यों के मुख्यमंत्री, भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, बहुपक्षीय विकास बैंकों तथा अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों के प्रतिनिधि शामिल हुए। मुख्यमंत्री तामांग ने केंद्र सरकार द्वारा सिक्किम के विकास के लिए दिए जा रहे निरंतर सहयोग और मार्गदर्शन के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने विशेष रूप से राज्य पूंजी निवेश सहायता योजना, ‘प्राइड ऑफ द हिल्स’ पहल की स्वीकृति तथा सिक्किम को बौद्ध सर्किट विकास योजना में शामिल किए जाने के लिए धन्यवाद दिया। मुख्यमंत्री ने संबोधन में उन्होंने बताया कि सिक्किम ने ऊर्जा, वानिकी, संपर्क व्यवस्था तथा महिला एवं युवा कल्याण जैसे क्षेत्रों में कई बाह्य सहायता प्राप्त परियोजनाओं को सफलतापूर्वक लागू किया है, जिससे राज्य के सामाजिक-आर्थिक विकास को गति मिली है। मुख्यमंत्री ने ईएपी ढांचे को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए कई सुझाव भी रखे। उन्होंने परियोजना निर्माण और क्रियान्वयन क्षमता बढ़ाने हेतु नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रमों और अध्ययन दौरों की आवश्यकता पर जोर दिया। साथ ही, उन्होंने परियोजनाओं की स्वीकृति प्रक्रिया को समयबद्ध और पारदर्शी बनाने की मांग की। उन्होंने छोटे हिमालयी राज्यों की वित्तीय चुनौतियों का उल्लेख करते हुए सुझाव दिया कि ईएपी के तहत पूर्वोत्तर और पहाड़ी राज्यों के लिए वित्तीय पैटर्न को केंद्र प्रायोजित योजनाओं की तरह किया जाए, जिसमें 90 प्रतिशत अनुदान और 10 प्रतिशत ऋण का प्रावधान हो।

ईएपी के ऋण हिस्से को राजकोषीय घाटा सीमा से बाहर रखने का प्रस्ताव

मुख्यमंत्री ने ईएपी के ऋण घटक को राजकोषीय घाटा सीमा से बाहर रखने, राज्यों द्वारा उपलब्ध कराई गई भूमि और आधारभूत संरचना के योगदान को मान्यता देने तथा परियोजना अनुमोदन प्रक्रिया को एक वित्तीय वर्ष के भीतर पूरा करने की समयसीमा तय करने का सुझाव दिया। उन्होंने मिशन टीमों की निरंतरता बनाए रखने और बहुपक्षीय एजेंसियों के साथ बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर भी बल दिया। अंत में मुख्यमंत्री तामांग ने भारत सरकार और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ मिलकर पूर्वोत्तर क्षेत्र के सतत और समावेशी विकास के प्रति सिक्किम की प्रतिबद्धता दोहराई। कार्यक्रम के सफल आयोजन और आतिथ्य के लिए उन्होंने मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा का धन्यवाद किया। साथ ही असम और पश्चिम बंगाल सरकारों को भी यात्रा के दौरान सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।

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