

गंगटोक: सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तामांग ने बुधवार को मनन केंद्र में आयोजित ‘विश्वकर्मा प्रतिभा सम्मान 2026’ कार्यक्रम में हिस्सा लिया और विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली प्रतिभाओं को सम्मानित किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्वकर्मा समुदाय ने कौशल, शिल्पकला, मेहनत, रचनात्मकता और उद्यमशीलता के माध्यम से समाज एवं राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। भगवान विश्वकर्मा सृजन, शिल्प और निर्माण की भावना के प्रतीक हैं तथा उनके आदर्श आज भी प्रासंगिक हैं।
कार्यक्रम को इस वर्ष अधिक विविध और सार्थक बनाने के लिए रक्तदान अभियान, मिस्टर एंड मिसेज विश्वकर्मा, ‘मम एंड मी’, युवा संसद, मारुनी नृत्य और भजन प्रतियोगिता सहित कई गतिविधियों का आयोजन किया गया। इसके साथ ही विश्वकर्मा पूजा और प्रतिभा सम्मान समारोह भी आयोजित हुआ।
मुख्यमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्धियां हासिल करने वाले सम्मानित प्रतिभागियों को बधाई दी और प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने वाले विजेताओं एवं प्रतिभागियों की सराहना की।
उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन केवल उत्सव तक सीमित नहीं रहते, बल्कि सामाजिक सेवा, युवाओं की भागीदारी, प्रतिभा विकास और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को भी बढ़ावा देते हैं। मुख्यमंत्री ने विश्वकर्मा कल्याण समिति को कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए बधाई दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को कुशल, आत्मनिर्भर और उद्यमशील बनाने पर विशेष जोर दे रही है। इसके लिए प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें उचित अवसर और मंच उपलब्ध कराने के साथ-साथ पारंपरिक ज्ञान एवं सांस्कृतिक परंपराओं को अगली पीढ़ी तक पहुंचाना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि सरकार समावेशी विकास, समान अवसर, युवा सशक्तीकरण तथा प्रतिभा और कौशल को उचित पहचान दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रतिभा को प्रोत्साहन और उचित मंच मिलने पर वह केवल व्यक्ति की शक्ति नहीं रहती, बल्कि समाज और पूरे राज्य की ताकत बन जाती है।
मुख्यमंत्री ने कामना की कि प्रतिभा, सेवा, एकता और सांस्कृतिक गौरव की यह भावना निरंतर आगे बढ़ती रहे।