जलपाईगुड़ी: सिक्किम के नामची स्थित निर्माणाधीन टनल हादसे में मारे गए माटियाली ब्लॉक के तीन चाय बागान युवकों के शव बुधवार रात उनके घर पहुंचाए गए। नागराकाटा विधानसभा क्षेत्र के विधायक पुना भेंगरा स्वयं सिक्किम से एंबुलेंस के माध्यम से शव लेकर पहुंचे। मृतकों में किलकोट चाय बागान के 11 नंबर लाइन निवासी विकेश्वर उरांव, शिवा लोहार और इनडोंग चाय बागान के श्याम उरांव शामिल हैं। शव पहुंचते ही परिवार के सदस्यों और स्थानीय लोगों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। बुधवार को ही तीनों का अंतिम संस्कार कर दिया गया। विधायक पुना भेंगरा ने परिवारों को शव सौंपते हुए संवेदना व्यक्त की और कहा कि यह घटना बेहद दुखद है। उन्होंने बताया कि राज्य और केंद्र सरकार मृतकों के परिवारों के साथ हैं तथा सरकारी स्तर पर मुआवजे की प्रक्रिया की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि अभी भी कुछ श्रमिकों के शव टनल के अंदर फंसे हुए थे, जिनके लिए बचाव अभियान जारी था।
सिक्किम टनल हादसे में 25 शव बरामद
सिक्किम के नामची के समरदुंग क्षेत्र में एनएचपीसी की तीस्ता स्टेज-6 जलविद्युत परियोजना की निर्माणाधीन सुरंग में मिथेन गैस विस्फोट के बाद हुए हादसे में बचाव अभियान पूरा कर लिया गया है। उत्तर बंगाल के आईजी सुकैश जैन ने बताया कि बचाव दल ने कुल 25 शव बरामद किए हैं, जिनमें 11 पश्चिम बंगाल के श्रमिक शामिल हैं। सभी मृतकों की पहचान कर ली गई है। अब तक कई शवों का पोस्टमार्टम पूरा कर उन्हें परिवारों को सौंप दिया गया है।
आईजी ने बताया कि पिछले दो दिनों में बचाव दल ने शवों को निकालने के साथ-साथ परिजनों को घटनास्थल तक पहुंचाने, पहचान प्रक्रिया और पोस्टमार्टम जैसी सभी व्यवस्थाओं को पूरा किया। इस बीच, सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तामांग ने दुर्घटनास्थल का दौरा कर राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक कर हादसे की जांच जल्द पूरी करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए विशेषज्ञों की रिपोर्ट मांगी गई है और उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए गए हैं। गौरतलब है कि सोमवार को करीब डेढ़ किलोमीटर लंबी निर्माणाधीन सुरंग में मिथेन गैस विस्फोट के बाद बड़ा हादसा हुआ था। राहत और बचाव अभियान में एनडीआरएफ के साथ ईस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड (ईसीएल) की विशेष टीम ने भी हिस्सा लिया। सिक्किम सरकार ने मृतकों के परिवारों को 4 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। इस हादसे में पश्चिम बंगाल, असम, उत्तराखंड, सिक्किम और पंजाब के श्रमिकों की मौत हुई है। घटना के बाद कई राज्यों में शोक का माहौल है।