बारोविशा का पुराना शालवन बनेगा नया इको-टूरिज्म हब

बैठक में उपस्थित वन मंत्री मनोज कुमार उरांव व अन्य
बैठक में उपस्थित वन मंत्री मनोज कुमार उरांव व अन्य
Published on

अलीपुरदुआर: अलीपुरदुआर जिले के कुमारग्राम प्रखंड अंतर्गत बारोविशा का वर्षों पुराना परित्यक्त शालवन अब जल्द ही नए स्वरूप में नजर आएगा। राज्य सरकार की नगर वन परियोजना के तहत इस क्षेत्र को विकसित कर एक आधुनिक इको-टूरिज्म हब के रूप में तैयार करने की योजना बनाई गई है। प्रस्तावित परियोजना के तहत करीब 10 एकड़ में फैले शालवन को संरक्षित रखने के लिए चारों ओर फेंसिंग की जाएगी। इसके बाद क्षेत्र को प्राकृतिक सौंदर्य और पर्यटन सुविधाओं से लैस कर एक आकर्षक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा।

वन मंत्री ने बारोविशा शालवन का दौरा कर स्थानीय लोगों से की बातचीत

मंगलवार को राज्य के वन मंत्री मनोज कुमार उरांव ने बारोविशा स्थित शालवन का निरीक्षण किया और स्थानीय लोगों से बातचीत कर उनकी राय जानी। उन्होंने कहा कि क्षेत्रवासियों की लंबे समय से मांग रही है कि बारोविशा में ऐसा कोई पर्यटन स्थल विकसित किया जाए, जहां लोग परिवार के साथ समय बिता सकें। इसी उद्देश्य से सरकार इस क्षेत्र के विकास की दिशा में कदम उठा रही है। वन मंत्री ने बताया कि प्रस्तावित इको-टूरिज्म हब में आकर्षक फूलों के बगीचे, बच्चों के लिए आधुनिक खेल क्षेत्र और मनोरंजन की सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसके अलावा विभिन्न प्रजातियों के विदेशी पक्षियों को भी यहां रखने की योजना है, जिससे यह स्थान बच्चों, प्रकृति प्रेमियों और पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा। उन्होंने कहा कि परियोजना को पूरा करने के लिए धन की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। सरकार इस योजना को सफल बनाने के लिए आवश्यक आर्थिक सहायता उपलब्ध कराएगी, ताकि बारोविशा का शालवन अलीपुरदुआर जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों में अपनी पहचान बना सके। स्थानीय लोगों ने भी इस पहल का स्वागत किया है। वन मंत्री ने कहा कि बारोविशा के शालवन को नई पहचान देने का सपना अब साकार होने जा रहा है और आने वाले दिनों में यह क्षेत्र जिले के प्रमुख पर्यटन केंद्रों में शामिल हो सकता है।

Google पर सन्मार्ग न्यूज़ पडे →
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in