बालासन नदी के उफान में बहा ह्यूम पाइप ब्रिज

बड़े वाहनों की आवाजाही बंद, छोटे वाहनों के लिए बेली ब्रिज बना सहारा
Teesta hyum pipe
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सिलीगुड़ी: मूसलाधार बारिश ने एक बार फिर उत्तर बंगाल में जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। रातभर हुई लगातार बारिश के कारण पहाड़ी नदी बालासन का जलस्तर तेजी से बढ़ गया। नदी के तेज बहाव में शुक्रवार तड़के करीब 4 बजे दार्जिलिंग के दुधिया का अस्थायी ह्यूम पाइप ब्रिज बहकर टूट गया। पुल के टूटने से मिरिक का सिलीगुड़ी से सीधा सड़क संपर्क पूरी तरह प्रभावित हो गया है। कुछ ही महीनों के अंतराल में इसी तरह की घटना दोबारा होने से स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों में भी चिंता बढ़ गई है। पुल के टूटने के बाद इस महत्वपूर्ण मार्ग पर बड़े वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद कर दी गई है। गौरतलब है कि इससे पहले जुलाई महीने में भी लगातार बारिश के कारण बालासन नदी का जलस्तर बढ़ गया था, जिसके तेज बहाव में दुधिया का अस्थायी पुल बह गया था। उस समय सिलीगुड़ी और मिरिक के बीच संपर्क पूरी तरह बाधित हो गया था। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने युद्धस्तर पर काम शुरू किया था और सेना तथा लोक निर्माण विभाग (PWD) की मदद से बेली ब्रिज तैयार किया गया था। हालांकि, बेली ब्रिज पर भारी वाहनों की आवाजाही संभव नहीं होने के कारण बाद में वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर ह्यूम पाइप ब्रिज बनाया गया था। लेकिन गुरुवार शाम से उत्तर बंगाल के कई इलाकों में शुरू हुई भारी बारिश के बाद बालासन नदी का बहाव अचानक तेज हो गया और पानी के प्रचंड वेग में यह अस्थायी पुल भी बह गया। फिलहाल पुराने बेली ब्रिज से छोटे वाहनों को आवाजाही की अनुमति दी जा रही है, जबकि बड़े वाहनों के लिए रास्ता बंद है। लगातार बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा भी बना हुआ है। प्रशासन की ओर से पुल और सड़क संपर्क को जल्द से जल्द सामान्य करने के लिए काम शुरू कर दिया गया है। साथ ही स्थानीय लोगों और पर्यटकों की आवाजाही को सुचारू रखने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था पर भी नजर रखी जा रही है।

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