

सिलीगुड़ी : आभूषण व्यापारी स्वपन कामिल्या के अपहरण और हत्या मामले में पुलिस ने जांच के दौरान एक और आरोपी को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। बिधाननगर थाना पुलिस ने बुधवार देर शाम प्रधाननगर थाना क्षेत्र के चंपासारी इलाके से सजल सरकार नामक युवक को पकड़ा। इससे पहले इस सनसनीखेज मामले में दो आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें से एक राजगंज प्रखंड के बीडीओ प्रशांत बर्मन का ड्राइवर बताया गया है। पूछताछ के बाद मिले सुरागों के आधार पर पुलिस ने चंपासारी में छापेमारी कर सजल सरकार को हिरासत में लिया।
सूत्रों के अनुसार, सजल सरकार का संबंध सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) से होने की बात सामने आई है, जिससे जांच में नया मोड़ आ गया है। फिलहाल पुलिस इस पूरे प्रकरण की जांच हर संभावित दिशा में कर रही है और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले तथ्यों की पुष्टि कर रही है। पुलिस के अनुसार, अब तक की पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं, जिनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यह मामला अब राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर हलचल मचा रहा है।
गौरतलब है कि जलपाईगुड़ी जिले के राजगंज प्रखंड के बीडीओ प्रशांत बर्मन, जो सोशल मीडिया पर एक दबंग अफसर के रूप में चर्चित हैं, पर आभूषण व्यवसायी स्वपन कामिल्या की हत्या का आरोप लगा है। मृतक स्वपन कामिल्या मूल रूप से पश्चिम मेदिनीपुर जिले के मोहनपुर थाना अंतर्गत दिलमाटिया गांव के निवासी थे। वे कोलकाता के सॉल्टलेक दत्ताबाद रोड स्थित एक किराये की दुकान में अपना आभूषण व्यवसाय चलाते थे। परिवार का आरोप है कि बीडीओ प्रशांत बर्मन ने अपने घर से चोरी हुए सोने के गहनों की बिक्री का आरोप लगाते हुए अगस्त माह में स्वपन के गांव पहुंचकर उन्हें धमकाया था। आरोप है कि उन्होंने व्यवसायी को जान से मारने की धमकी तक दी थी। इसके बाद व्यवसायी ने कथित रूप से गहने लौटाने का वादा किया था, लेकिन तभी से उनकी दुकान दो महीने से बंद थी।
27 अक्टूबर की शाम बीडीओ प्रशांत बर्मन अपनी सरकारी नीली बत्ती वाली कार से चार-पांच साथियों के साथ स्वपन की दुकान पर पहुंचे और उन्हें गाली-गलौज करते हुए जबरन साथ ले गए। दुकान के मालिक गोबिंद बाग को भी शुरू में साथ ले जाया गया, लेकिन थोड़ी दूर जाकर उन्हें छोड़ दिया गया।
इसके बाद से स्वपन कामिल्या लापता थे। अगले दिन यानी 28 अक्टूबर को उनका खून से लथपथ शव न्यू टाउन के झाड़ीदार इलाके में सड़क किनारे बरामद हुआ।
परिजनों ने इस घटना के लिए राजगंज के बीडीओ प्रशांत बर्मन को जिम्मेदार ठहराते हुए बिधाननगर साउथ पुलिस स्टेशन में 31 अक्टूबर को प्राथमिकी दर्ज करवाई। वहीं, बीडीओ प्रशांत बर्मन ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि “सिर्फ आरोप लगाने से कोई दोषी नहीं हो जाता, सच्चाई जांच में सामने आ जाएगी।”
पुलिस इस पूरे मामले की तह तक जाने के लिए लगातार छापेमारी और पूछताछ कर रही है। सजल सरकार की गिरफ्तारी से इस केस में महत्वपूर्ण सुराग मिलने की संभावना जताई जा रही है।
इस बीच सोना व्यापारी हत्या कांड अब एक बड़े राजनीतिक-प्रशासनिक घोटाले का रूप लेता जा रहा है, और पुलिस की अगली कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।