राशन डीलरशिप में अवैध गोदाम का आरोप, हाई कोर्ट के आदेश पर जांच

राशन डीलरशिप में अवैध गोदाम का आरोप, हाई कोर्ट के आदेश पर जांच
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इस्लामपुर: राशन डीलरशिप हासिल करने के लिए कथित तौर पर अवैध गोदाम दिखाने का मामला अब कलकत्ता हाई कोर्ट पहुंच गया है। हाई कोर्ट के आदेश पर ग्वालपोखर-2 ब्लॉक के भूमि एवं भूमि सुधार विभाग के अधिकारियों ने बुधवार को मौके पर पहुंचकर संबंधित जमीन और गोदाम की जांच की। अधिकारियों ने जमीन की स्थिति, गोदाम की वास्तविकता और डीलरशिप के लिए आवेदन में दर्शाए गए गोदाम से संबंधित तथ्यों का निरीक्षण किया। कोर्ट ने जांच रिपोर्ट 14 सितंबर तक जमा करने का निर्देश दिया है।

बताया गया कि यह मामला जुलाई 2024 में शुरू हुआ, जब नई राशन डीलरशिप के लिए वैकेंसी निकाली गयी थी। डीलरशिप पाने के लिए कुल 11 लोगों ने आवेदन किया था। इनमें अब्दुल मन्नान भी शामिल थे। उनका आरोप है कि उनके समेत 10 आवेदकों के आवेदन फूड एंड सप्लाई विभाग ने खारिज कर दिए, जबकि बाद में असदुद्दीन नामक व्यक्ति को संबंधित डीलरशिप के लिए मंजूरी मिल गई। लाइसेंस मिलने के बाद असदुद्दीन ने अप्रैल 2025 से राशन वितरण शुरू कर दिया। शुरुआत में आवेदकों ने पूरी प्रक्रिया पर सवाल नहीं उठाया। हालांकि, बाद में मामले की जांच के दौरान कथित गड़बड़ियों को लेकर शिकायतें सामने आई।

अब्दुल मन्नान का आरोप है कि डीलरशिप के लिए जिस गोदाम को दिखाया गया, वह नियमों के अनुरूप नहीं था। उनका दावा है कि आवश्यक गोदाम के रूप में किसी अन्य गोदाम को दर्शाकर आवेदन किया गया था। उन्होंने संबंधित जमीन और गोदाम की वास्तविक स्थिति पर भी सवाल उठाया है। इस मामले को लेकर अब्दुल मन्नान और फारुक आलम ने कलकत्ता हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। उनका कहना है कि नियमों के अनुसार आवेदन करने के बावजूद कई आवेदनों को खारिज कर दिया गया, जबकि डीलरशिप पाने वाले आवेदक के मामले में गोदाम को कथित तौर पर गलत तरीके से दिखाने का आरोप है। ऐसे में पूरी चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

मामला हाई कोर्ट पहुंचने के बाद ग्वालपोखर -2 ब्लॉक के भूमि एवं भूमि सुधार विभाग को संबंधित जमीन और गोदाम की मौके पर जांच का निर्देश दिया गया। इसी के तहत बुधवार को अधिकारी मौके पर पहुंचे और जमीन की लोकेशन, गोदाम की वास्तविक स्थिति तथा आवेदन में दर्शाए गए गोदाम से उसके संबंध समेत विभिन्न पहलुओं की जांच की। जांच के दौरान भूमि एवं भूमि सुधार विभाग के अधिकारियों ने मामले पर कोई टिप्पणी करने से इनकार किया। वहीं, असदुद्दीन के परिवार वालों ने भी आरोपों पर कुछ कहने से इनकार कर दिया। अब सबकी नजर 14 सितंबर को कोर्ट में जमा होने वाली जांच रिपोर्ट पर है।

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