44 फीट ऊंचे पंडाल में विराजेंगी ‘आदिशक्ति’

देशबंधुपाड़ा के सुब्रत संघ की पूजा में प्राकृतिक सजावट बनेगी खास आकर्षण
Pandal of subrat sangh club
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सिलीगुड़ी: दुर्गापूजा के दौरान सिलीगुड़ी में हर साल एक से बढ़कर एक भव्य पंडाल लोगों को आकर्षित करते हैं। इस बार देशबंधुपाड़ा के सुब्रत संघ की दुर्गापूजा भी खास आकर्षण का केंद्र बनने जा रही है। पूजा पंडाल की ऊंचाई करीब 44 फीट रखी गई है। विशाल पंडाल और प्राकृतिक सजावट को देखकर दर्शकों के मुंह से ‘बाप रे बाप’ निकलना तय माना जा रहा है।

सुब्रत संघ सिलीगुड़ी की पुरानी और चर्चित पूजा आयोजक संस्थाओं में से एक है। क्लब की स्थापना वर्ष 1957 में हुई थी और उसी साल से यहां दुर्गापूजा का आयोजन शुरू हुआ। हर साल पूजा के दौरान यहां हजारों की संख्या में श्रद्धालु और दर्शक पहुंचते हैं। पूजा के साथ क्लब परिसर में लगने वाला विशाल मेला भी लोगों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहता है।क्लब के अध्यक्ष विश्वजीत बोस और सचिव रवींद्र कुमार नाथ ने बताया कि इस वर्ष पूजा की थीम ‘आदिशक्ति’ रखी गई है।

इसी थीम को ध्यान में रखते हुए 44 फीट ऊंचा भव्य पंडाल तैयार किया जा रहा है। पंडाल निर्माण की जिम्मेदारी मेदिनीपुर के डेकोरेटर बैद्यनाथ महापात्र को दी गई है। इस बार पंडाल की सजावट में प्राकृतिक चीजों का विशेष इस्तेमाल किया जा रहा है। पत्ते, पेड़-पौधे, काई, घास, पानी और पेड़ों की जड़ों के जरिए पंडाल को प्राकृतिक रूप देने की कोशिश की जा रही है। पंडाल के ढांचे में बांस और फोम का इस्तेमाल किया गया है। साथ ही निर्माण में पानी और आग से बचाव के लिए विशेष रसायनों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। पंडाल के अंदर दो तालाब, छह फव्वारे, 18 फीट ऊंची भगवान शिव की प्रतिमा और 8 फीट ऊंचे नंदी विशेष आकर्षण होंगे। इसके अलावा मां दुर्गा की प्रतिमा भी दर्शकों के आकर्षण का केंद्र बनने वाली है। पंडाल की आकर्षक रोशनी के लिए स्थानीय लाइटिंग संस्थाओं की मदद ली जा रही है। बिजली की आपूर्ति सिलीगुड़ी इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड की ओर से की जाएगी। इस वर्ष पूजा का कुल बजट करीब 34 लाख रुपये बताया गया है। पूजा का उद्घाटन तृतीया के दिन किया जाएगा। दर्शकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पंडाल और आसपास के इलाके में सीसीटीवी निगरानी के साथ पुलिस सुरक्षा की भी व्यवस्था की जा रही है।

सुब्रत संघ सिर्फ दुर्गापूजा तक सीमित नहीं है। क्लब की ओर से कालीपूजा, दिसंबर के अंतिम सप्ताह में वार्षिक कीर्तन, कराटे प्रशिक्षण और ‘सुब्रत क्रिकेट कप’ का आयोजन भी किया जाता है। पर्यावरण संरक्षण के लिए बरसात के मौसम में क्लब की ओर से वृक्षारोपण कार्यक्रम भी आयोजित किया जाता है।

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