जलपाईगुड़ी के मंदिरों को जोड़कर बनेगा धार्मिक पर्यटन सर्किट

जलपाईगुड़ी के मंदिरों को जोड़कर बनेगा धार्मिक पर्यटन सर्किट
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जलपाईगुड़ी : जिले के प्रमुख धार्मिक स्थलों को जोड़कर धार्मिक पर्यटन सर्किट विकसित करने की पहल की जा रही है। इसी उद्देश्य से रविवार को पर्यटन मंत्री ने जलपाईगुड़ी जिले के शिकारपुर स्थित सन्न्यासी मंदिर, बोडागंज के भ्रामरी मंदिर और जलपाईगुड़ी शहर के गोशाला मोड़ के पास स्थित देवी चौधरानी श्मशान काली मंदिर का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने मंदिरों की व्यवस्थाओं और बुनियादी सुविधाओं का जायजा लिया। खास बात यह रही कि गोशाला मोड़ पर उन्होंने सड़क किनारे एक चाय की दुकान से आम लोगों की तरह चाय खरीदकर पी।

मंत्री ने सबसे पहले शिकारपुर के सन्न्यासी मंदिर का दौरा किया। इसके बाद बोडागंज स्थित भ्रामरी मंदिर पहुंचे और शाम को गोशाला स्थित देवी चौधरानी श्मशान काली मंदिर का निरीक्षण किया। यहां उन्होंने मंदिर कमेटी के सदस्यों और पुरोहित से बातचीत कर मंदिर की समस्याओं और आवश्यक सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने श्रद्धालुओं से भी बातचीत की।

इस दौरान पत्रकारों को देखकर मंत्री कुछ हैरान नजर आए। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका यह दौरा पूरी तरह निजी था। हालांकि, उन्होंने पत्रकारों से काफी देर तक बातचीत की। मंत्री ने कहा कि जलपाईगुड़ी जिला प्राकृतिक और ऐतिहासिक विविधताओं से समृद्ध है। जिले के बड़े हिस्से में देवी चौधरानी और भवानी पाठक की ऐतिहासिक स्मृतियां जुड़ी हुई हैं। ऐसे धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों को पर्यटन के नक्शे पर लाने के लिए पर्यटन विभाग धार्मिक पर्यटन सर्किट विकसित करने की दिशा में काम कर रहा है।

उन्होंने बताया कि प्रस्तावित सर्किट के तहत विभिन्न मंदिरों में बुनियादी सुविधाओं की कमी और आवश्यकताओं का आकलन किया जा रहा है। इसके लिए विशेषज्ञ संस्था की भी मदद ली जा रही है, ताकि योजना को व्यावहारिक रूप दिया जा सके। इस संबंध में जिला प्रशासन के साथ भी विस्तार से चर्चा हुई है।

वहीं, देवी चौधरानी श्मशान काली मंदिर कमेटी के महासचिव देवाशीष सरकार ने बताया कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि पर्यटन मंत्री इस तरह शाम के समय मंदिर पहुंचेंगे। मंत्री ने मंदिर से जुड़ी कई जानकारियां लीं और कमेटी की ओर से सभी आवश्यक विवरण उपलब्ध कराए गए। उन्होंने कहा कि मंत्री ने प्रस्तावित धार्मिक पर्यटन सर्किट में देवी चौधरानी को विशेष महत्व देने की बात कही है।

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