पहाड़ से डूआर्स तक दौड़ेगा नया हाईवे
source: The Telegraph

पहाड़ से डूआर्स तक दौड़ेगा नया हाईवे

माटीगाड़ा से दार्जिलिंग-कालिम्पोंग होते हुए डामडिम तक 201 किमी का वैकल्पिक कॉरिडोर, सिक्किम के लिए भी खुलेगा दूसरा रास्ता
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सन्मार्ग संवाददाता, सिलीगुड़ी:

सिलीगुड़ी से पहाड़ और डूआर्स को जोड़ने के लिए एक नए सड़क कॉरिडोर की राह खुल गई है। माटीगाड़ा से दार्जिलिंग और कालिम्पोंग होते हुए डामडिम तक करीब 201 किलोमीटर लंबे वैकल्पिक हाईवे की फिजिबिलिटी स्टडी पूरी हो गई है। प्रस्तावित हाईवे बनने पर सिलीगुड़ी से दार्जिलिंग, कालिम्पोंग और डूआर्स के बीच एक नया सड़क संपर्क तैयार होगा। साथ ही, सिक्किम जाने वाले यात्रियों के लिए भी यह एक वैकल्पिक मार्ग बन सकता है। दार्जिलिंग के भाजपा सांसद राजू बिष्ट ने सोमवार को दार्जिलिंग में हुई समीक्षा बैठक के बाद इसकी जानकारी दी।प्रस्तावित हाईवे सिलीगुड़ी के बाहरी इलाके माटीगाड़ा से शुरू होकर दार्जिलिंग, कालिम्पोंग और भारत-भूटान सीमा से सटे टोडे-टांगता क्षेत्र से होते हुए जलपाईगुड़ी जिले के डामडिम तक पहुंचेगा। सोमवार को दार्जिलिंग में PWD और PHE विभाग की समीक्षा बैठक में इस वैकल्पिक हाईवे को लेकर चर्चा हुई। बैठक की अध्यक्षता राज्य के संबंधित मंत्री अजय कुमार पोद्दार ने की।इस परियोजना का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि सिलीगुड़ी से सिक्किम की सड़क कनेक्टिविटी मुख्य रूप से एनएच-10 पर निर्भर है। भूस्खलन और सड़क क्षति के कारण एनएच-10 पर कई बार यातायात बाधित होता रहा है। ऐसे में नया कॉरिडोर तैयार होने पर सिक्किम जाने वाले यात्रियों को एक और सड़क विकल्प मिल सकता है।

दार्जिलिंग को मिलेगी ट्रैफिक से राहत

बैठक में दार्जिलिंग के प्रस्तावित 18 किलोमीटर लंबे सर्कुलर रोड को लेकर भी बड़ा फैसला लिया गया। परियोजना के लिए टेंडर जारी करने की मंजूरी दे दी गई है। सर्कुलर रोड से जोरबंगला-घूम क्षेत्र में वाहनों के दबाव को कम करने की उम्मीद है। वर्तमान में सिलीगुड़ी, मिरिक और कालिम्पोंग-सिक्किम की ओर से आने वाले अधिकांश वाहन इसी क्षेत्र से होकर दार्जिलिंग की ओर बढ़ते हैं, जिससे पर्यटन सीजन में जाम की समस्या बढ़ जाती है।

कुर्सियांग-दार्जिलिंग रोपवे की भी तैयारी

समीक्षा बैठक में कुर्सियांग और दार्जिलिंग के बीच प्रस्तावित रोपवे पर भी चर्चा हुई। राजू बिष्ट के अनुसार, इसकी फिजिबिलिटी स्टडी पूरी हो चुकी है। सड़क मार्ग की दूरी करीब 40 किलोमीटर है, जबकि प्रस्तावित रोपवे की दूरी लगभग 20 किलोमीटर होगी। इसके अलावा दार्जिलिंग और कालिम्पोंग में पार्किंग क्षमता बढ़ाने, घूम, लेबोंग, कुर्सियांग और मिरिक में नए पार्किंग स्थल विकसित करने की योजना पर भी चर्चा हुई।बैठक में जामुने को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने और कुर्सियांग की डॉव हिल-डिलाराम सड़क की मरम्मत पर भी विचार किया गया। PHE विभाग की समीक्षा में जल जीवन मिशन के अधूरे पेयजल प्रोजेक्टों को समय सीमा के भीतर पूरा करने पर जोर दिया गया।

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