सेवक में बनेगा 6 लेन का पुल, 1175 करोड़ मंजूर

तीस्ता पर 6.91 किमी लंबे पुल को केंद्र की मंजूरी, सिक्किम और पूर्वोत्तर से कनेक्टिविटी होगी मजबूत
Coronation bridge
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सिलीगुड़ी : उत्तर बंगाल और सिक्किम की कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। दार्जिलिंग जिले के सेवक में तीस्ता नदी पर 6.91 किलोमीटर लंबे छह लेन के नए पुल के निर्माण के लिए 1,175.59 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। यह पुल नेशनल हाईवे-10 पर बनेगा और इसमें पुल के साथ उसके एप्रोच भी शामिल होंगे। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए परियोजना की जानकारी साझा की। प्रस्तावित पुल का उद्देश्य सेवक के मौजूदा ऐतिहासिक कोरोनेशन ब्रिज पर यातायात का दबाव कम करना और इस पूरे मार्ग की कनेक्टिविटी को बेहतर बनाना है। कोरोनेशन ब्रिज का निर्माण 1941 में हुआ था।वर्तमान में सिलीगुड़ी से सिक्किम और पूर्वोत्तर की ओर जाने वाले यातायात के लिए यह मार्ग महत्वपूर्ण है। नए पुल के बनने से यात्रियों के साथ मालवाहक वाहनों की आवाजाही को भी बेहतर बनाने की उम्मीद है। नितिन गडकरी के अनुसार, नया पुल सिक्किम, पूर्वोत्तर राज्यों और सिलीगुड़ी कॉरिडोर के बीच संपर्क को मजबूत करेगा। बेहतर सड़क ढांचे से यात्रा समय कम करने, यातायात दबाव घटाने और सामान एवं सेवाओं की आवाजाही को अधिक सुगम बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही व्यापार, वाणिज्य, पर्यटन और लॉजिस्टिक्स को भी लाभ पहुंचने की बात कही गई है। यह परियोजना स्थानीय स्तर पर भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। उत्तर बंगाल के विभिन्न इलाकों से सिक्किम और पूर्वोत्तर की ओर जाने वाले यात्रियों और व्यवसायिक वाहनों के लिए सेवक-एनएच-10 मार्ग अहम है। मौजूदा मार्ग पर यातायात दबाव और भूस्खलन जैसी परिस्थितियों के कारण कई बार आवाजाही प्रभावित होती है। प्रस्तावित वैकल्पिक पुल से इस मार्ग पर आवागमन की क्षमता बढ़ने की उम्मीद है।जानकारी के अनुसार, नया पुल मौजूदा कोरोनेशन ब्रिज के वैकल्पिक मार्ग के रूप में काम करेगा। अधिकारियों के मुताबिक प्रस्तावित नए पुल के पूरा होने के बाद सेवक से जलपाईगुड़ी जिले के एलेनबाड़ी के बीच सड़क दूरी में भी करीब 10 किलोमीटर की कमी आ सकती है।

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