चाय बागान के 300 परिवारों को मिला मुफ्त बाजार का सहारा

यूनिक फाउंडेशन की पहल, दुर्गापूजा से पहले जरूरतमंद श्रमिक परिवारों को बांटे गए कपड़े
चाय बागान के 300 परिवारों को मिला मुफ्त बाजार का सहारा
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सिलीगुड़ी: दुर्गापूजा की रौनक बाजारों और शॉपिंग मॉल तक पहुंच चुकी है, लेकिन चाय बागानों में काम करने वाले कई श्रमिक परिवारों के लिए त्योहार की खुशियों से पहले रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना ही बड़ी चुनौती है। ऐसे परिवारों की मदद के लिए यूनिक फाउंडेशन की ओर से डुआर्स के मालबाजार महकमा अंतर्गत कालागाइती चाय बागान क्षेत्र में ‘बिना पैसे का बाजार’ लगाया गया। इस पहल के तहत करीब 300 श्रमिक परिवारों को दुर्गापूजा से पहले जरूरत के कपड़े उपलब्ध कराए गए।

इस विशेष बाजार में पुराने लेकिन इस्तेमाल करने योग्य कपड़े रखे गए थे। चाय बागान के जरूरतमंद श्रमिक परिवारों को बिना कोई पैसा दिए अपनी पसंद के कपड़े और पूजा से जुड़ी आवश्यक सामग्री चुनने का अवसर मिला। इसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर त्योहार के खर्च का बोझ कम करना और उन्हें भी दुर्गापूजा की खुशियों में शामिल होने का अवसर देना था।

आमतौर पर दुर्गापूजा से पहले लोग नए कपड़ों और जरूरी सामान की खरीदारी में जुट जाते हैं। लेकिन सीमित आय में गुजारा करने वाले चाय श्रमिक परिवारों के लिए त्योहार की तैयारी करना आसान नहीं होता। ऐसे में फाउंडेशन की इस पहल ने उन परिवारों तक मदद पहुंचाने की कोशिश की, जो आर्थिक परेशानियों के कारण अपनी जरूरतें पूरी करने में कठिनाई महसूस करते हैं।

संगठन की ओर से बताया गया कि चाय श्रमिकों के त्योहार को खुशहाल बनाने के उद्देश्य से यह छोटा-सा प्रयास किया गया है। ‘बिना पैसे का बाजार’ के माध्यम से जरूरतमंदों को बिना किसी कीमत के उपयोगी सामान चुनने का अवसर दिया गया, ताकि वे भी दुर्गापूजा का आनंद उठा सकें।

इस पहल के जरिए त्योहार के दौरान जरूरतमंद परिवारों की सहायता के साथ-साथ समाज में सहयोग और संवेदनशीलता का संदेश देने का प्रयास किया गया।

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