अलीपुरदुआर : पश्चिम बंगाल सरकार की महत्वाकांक्षी ‘बांग्लार बाड़ी आवास योजना’ को लेकर एक बार फिर भ्रष्टाचार के आरोप का सनसनीखेज मामले सामने आया हैं। यह मामला अलीपुरदुआर जिले के अलीपुरदुआर दो ब्लॉक अंतर्गत महाकाल चौपती से सटे खातोपाड़ा इलाके का है, जहां एक असहाय भिक्षुक महिला से घर दिलाने के नाम पर 20 हजार रुपये की मांग किए जाने का गंभीर आरोप लगा है। यह आरोप स्थानीय तृणमूल पंचायत के पति पर लगाया गया है, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। स्थानीय निवासी शेफाली बर्मण, जो भिक्षावृत्ति कर किसी तरह जीवन यापन करती हैं। बुजुर्ग गरीब महिला ने आरोप लगाते हुए कहा कि लंबे समय पहले हम सरकारी आवास योजना के तहत घर के लिए आवेदन किए थे, लेकिन बार-बार आवेदन के बावजूद आज तक हमें कोई स्वीकृति नहीं मिली। आरोप है कि इसी बीच पंचायत प्रधान के पति ने उन्हें घर दिलाने का भरोसा देकर 20 हजार रुपये की मांग की। शेफाली का कहना है कि उनकी आर्थिक हालत इतनी खराब है कि इतनी बड़ी रकम देना उनके लिए असंभव है।घटना से आहत और नाराज शेफाली बर्मण ने गुरुवार को अलीपुरदुआर के जिलाधिकारी कार्यपाय में आकर लिखित शिकायत दर्ज कराया है।
उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग की है। इस शिकायत के बाद पूरे इलाके में चर्चा का माहौल बन गया है और लोग आवास योजना में हो रही कथित अनियमितताओं पर सवाल उठा रहे हैं। हालांकि, इस मामले में अभियुक्त पंचायत प्रधान के पति शिबू राय ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका दावा है कि आरोप पूरी तरह झूठे और निराधार हैं। शिबू राय का कहना है कि जिनके बारे में आरोप लगाए जा रहे हैं, उनके पास खुद की जमीन नहीं है, और सरकारी नियमों के अनुसार बिना जमीन के आवास योजना के तहत घर आवंटित नहीं किया जा सकता। फिलहाल, मामला प्रशासन के संज्ञान में आ चुका है। स्थानीय लोगों की मांग है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच हो, ताकि सच्चाई सामने आ सके और यदि कोई दोषी है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। अब देखना होगा कि प्रशासन इस संवेदनशील मामले में क्या कदम उठाता है।