बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में असाधारण कार्य करने वाले 16 कर्मवीरों को सम्मानित

सम्मानित होते कर्मवीर
सम्मानित होते कर्मवीर
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नागराकाटा: बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में असाधारण कार्य करने वाले 16 लोगों को नागराकाटा ब्लॉक प्रशासन ने सम्मानित किया। सम्मानित व्यक्तियों में सरकारी अधिकारी, पुलिस अधिकारी, समाजसेवी से लेकर स्थानीय निवासी तक शामिल हैं। शुक्रवार को बीडीओ कार्यालय में प्रत्येक को सम्मान पत्र तथा स्मारक किया गया । नागराकाटा के बीडीओ जयप्रकाश मंडल ने कहा, विपत्ति के दिनों में इंसान ही इंसान के काम आता है, इस बात को आप सभी सम्मानित व्यक्तियों ने एक बार फिर साबित कर दिया है। हम आपको दिल से सलाम करते हैं। नागराकाटा पंचायत समिति सभापति संजय कुजूर ने कहा, हमारे लिए यह गर्व की बात है कि हम 16 कर्मयोगियों को सम्मानित कर सके। सम्मान पाकर सम्मानित तो वे हुए ही, लेकिन वास्तव में सम्मानित होने का सौभाग्य हमारा है। सम्मानितों में सबसे उल्लेखनीय नाम है बामनडांगा चाय बागान के धनी महली का है । 5 अक्टूबर की भयावह बाढ़ की सुबह उन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर तेज बहाव में बहकर बांसझाड़ में फंसी एक मां और उसके बच्चे को बचाया था। भीषण जलधारा की परवाह किए बिना धनी ने पहले अपनी कमर में रस्सी बांधी और उसका सिरा किनारे खड़े लोगों के हाथ में थमा दिया। इसके बाद लगभग फ़िल्मी अंदाज़ में उन्होंने मां-बेटे को कंधे पर उठाकर एक मानव-गहराई पानी पार कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। इसके अलावा बामनडांगा के ही स्थानीय निवासी—डेविड उरांव, अजीत उरांव, अशोक मान्की मुंडा और प्रदीप तेली साउ—को भी बाढ़ के दौरान उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया। सुलकापाड़ा के पाटवारी पाड़ा क्षेत्र में बाढ़ के दिनों में लगातार राहत और बचाव कार्य में जुटे रहने के लिए साहानुर आलम और मस्तिफुल हक को भी सम्मान प्रदान किया गया। इन्होंने भी कई लोगों की जान बचाई थी। अन्य सम्मानितों में पंचायत समिति के सभापति संजय कुजूर, पंचायत समिति के लोक निर्माण कर्माध्यक्ष प्रवीन सिंह झा, समाजसेवी आज़ाद अंसारी, ओराहुल इस्लाम, सानू हक, नागराकाटा थाना प्रभारी कौशिक कर्मकार, पुलिस उपनिरीक्षक शुभ्रत सरकार, ब्लॉक आपदा प्रबंधन अधिकारी रणित विश्वास तथा ब्लॉक स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मोल्ला इरफान हुसैन सहित अन्य लोग शामिल थे।

सम्मानित होते कर्मवीर

भीषण जलधारा की परवाह किए बिना धनी ने पहले अपनी कमर में रस्सी बांधी और उसका सिरा किनारे खड़े लोगों के हाथ में थमा दिया। इसके बाद लगभग फ़िल्मी अंदाज़ में उन्होंने मां-बेटे को कंधे पर उठाकर एक मानव-गहराई पानी पार कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। इसके अलावा बामनडांगा के ही स्थानीय निवासी—डेविड उरांव, अजीत उरांव, अशोक मान्की मुंडा और प्रदीप तेली साउ—को भी बाढ़ के दौरान उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया। सुलकापाड़ा के पाटवारी पाड़ा क्षेत्र में बाढ़ के दिनों में लगातार राहत और बचाव कार्य में जुटे रहने के लिए साहानुर आलम और मस्तिफुल हक को भी सम्मान प्रदान किया गया। इन्होंने भी कई लोगों की जान बचाई थी। अन्य सम्मानितों में पंचायत समिति के सभापति संजय कुजूर, पंचायत समिति के लोक निर्माण कर्माध्यक्ष प्रवीन सिंह झा, समाजसेवी आज़ाद अंसारी, ओराहुल इस्लाम, सानू हक, नागराकाटा थाना प्रभारी कौशिक कर्मकार, पुलिस उपनिरीक्षक शुभ्रत सरकार, ब्लॉक आपदा प्रबंधन अधिकारी रणित विश्वास तथा ब्लॉक स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मोल्ला इरफान हुसैन सहित अन्य लोग शामिल थे।

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