नेताजी सुभाष ओपेन यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में कर सकेंगे एमए कोर्स

नेताजी सुभाष ओपेन यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में कर सकेंगे एमए कोर्स
Published on: 

पहली बार दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से पत्रकारिता और जनसंचार में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम शुरू
सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : नेताजी सुभाष ओपेन यूनिवर्सिटी में पत्रकारिता एवं जनसंचार में दो वर्षीय एमए पाठ्यक्रम के लिए आवेदन स्वीकार कर लिए गए हैं। आवेदन ऑनलाइन किये जा रहे हैं। बताया गया है कि प्रवेश आवेदन पत्र विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर प्रकाशित कर दिया गया है। विभागीय सहायक प्रोफेसर अरिजीत घोष ने कहा कि यह विश्वविद्यालय राज्य का एकमात्र विश्वविद्यालय है, जहां दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से पत्रकारिता एवं जनसंचार में एमए की डिग्री प्राप्त की जा सकती है।
क्या कहना है विश्वविद्यालय का
विश्वविद्यालय ने कहा कि आजादी के बाद से देश में पत्रकारों के लिए कार्य का दायरा बढ़ा है, लेकिन इस क्षेत्र में प्रशिक्षित जनशक्ति की कमी बढ़ गई है। क्योंकि उनके लिए उपयुक्त प्रशिक्षण केन्द्रों का अभाव है। इसलिए, मीडिया में काम करने के लिए प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करने के उद्देश्य से नेताजी सुभाष ओपेन यूनिवर्सिटी ने पहली बार दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से पत्रकारिता और जनसंचार में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम शुरू करने की पहल की है। इस मास्टर्स कोर्स की अवधि दो वर्ष है।

यदि कोई छात्र चाहे तो वह इसे पांच साल में पूरा कर सकता है। किसी भी विषय में स्नातक इस पाठ्यक्रम में दाखिला ले सकते हैं। इस पाठ्यक्रम को करने के बाद छात्रों को पत्रकारिता की बुनियादी समझ प्राप्त होगी। यह पाठ्यक्रम सिखाता है कि पेशेवर रूप से समाचार कैसे एकत्रित करें और उसे वस्तुनिष्ठ रूप से कैसे प्रस्तुत करें, साक्षात्कार कैसे आयोजित करें, तथा मीडिया कानूनों, विनियमों और नैतिक मुद्दों पर ध्यान देते हुए समाचार कैसे प्रसारित करें।
इसके अलावा, स्टूडेंट्स को इलेक्ट्रॉनिक और ऑनलाइन पत्रकारिता की समझ भी प्राप्त होगी। पाठ्यक्रम के स्नातक संभावित समाचार स्रोतों से समाचार तैयार करने के साथ-साथ समाचार पत्रों, रेडियो, टेलीविजन या ऑनलाइन जैसे विभिन्न प्लेटफार्मों पर वितरण के लिए समाचार का उत्पादन या संपादन करने में सक्षम होंगे। वर्ष 2007 से नेताजी सुभाष ओपेन यूनिवर्सिटी में पत्रकारिता एवं जनसंचार में एक वर्षीय स्नातकोत्तर (उन्नत) डिप्लोमा पाठ्यक्रम भी संचालित हो रहा है।

सन्मार्ग को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं →
Follow Sanmarg on Google News
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in