

प्रगति, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : राज्य के स्कूलों में टीचर-स्टूडेंट अनुपात बनाए रखने के लिए ट्रांसफर सिस्टम शुरू किया जा रहा है। पता चला है कि जिन स्कूलों में स्टूडेंट्स की संख्या कम या जीरो है, वहां से टीचरों को उन स्कूलों में ट्रांसफर किया जा रहा है, जहां टीचरों की कमी है। SSC ने पहले ही 2 जिलों, पूर्व मेदिनीपुर और पुरुलिया में टीचरों के ट्रांसफर के लिए रिकमेंडेशन लेटर जारी करना शुरू कर दिया है। सूत्रों के मुताबिक, पूर्व मेदिनीपुर से 39 टीचरों को दूसरी जगह ट्रांसफर किया जा रहा है। SSC सूत्रों के मुताबिक, सरकार की इजाजत मिलने के बाद इन सभी टीचरों को रिकमेंडेशन लेटर जारी करने का प्रोसेस शुरू हो गया है। एजुकेशन डिपार्टमेंट ने बताया है कि यह ट्रांसफर प्रोसेस धीरे-धीरे सभी स्कूलों में पूरा किया जाएगा। एकेडमिक ईयर 2024-25 में देश के करीब 8,000 स्कूलों में किसी भी स्टूडेंट का एडमिशन नहीं हुआ। हालांकि, इन स्कूलों में टीचरों की संख्या करीब 20 हजार है। जानकारी के अनुसार बिना स्टूडेंट्स वाले स्कूलों की लिस्ट में पश्चिम बंगाल सबसे ऊपर है। स्कूलों में काम करने वाले टीचरों की संख्या में भी बंगाल सबसे आगे है। राज्य के 3,812 ऐसे स्कूलों में कुल 17,965 टीचर काम कर रहे हैं, जिनमें एडमिशन नहीं हुए हैं। इस बारे में बंगीय टीचर्स एंड एजुकेशन वर्कर्स एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी स्वपन मंडल ने कहा कि अगर सभी स्कूलों के टीचरों को काउंसलिंग के जरिए कहीं और ट्रांसफर कर दिया जाए, तो वे कम से कम पढ़ा तो सकते हैं।