

प्रगति, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : राज्य में लंबित शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को लेकर सोमवार को कोलकाता के दो छोर करुणामयी और धर्मतला में विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। प्राइमरी और अपर प्राइमरी शिक्षक अभ्यर्थियों ने नियुक्ति में देरी के खिलाफ सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया।प्राइमरी शिक्षक अभ्यर्थियों ने करुणामयी से विकास भवन तक रैली निकाली। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2022 में पश्चिम बंगाल प्राइमरी एजुकेशन बोर्ड ने राज्य के प्राथमिक विद्यालयों में 11,765 रिक्त पदों पर भर्ती के लिए अधिसूचना जारी की थी। उस समय NIOS से D.El.Ed. (DLA) पास उम्मीदवार भी भर्ती प्रक्रिया में शामिल हुए थे, लेकिन बाद में उन्हें पैनल से बाहर कर दिया गया। 4 अप्रैल, 2025 को कोर्ट ने आदेश दिया था कि योग्य उम्मीदवारों को तीन महीने के भीतर नियुक्ति दी जाए। हालांकि प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि फैसले के नौ महीने बाद भी उन्हें नियुक्ति पत्र नहीं मिला है। प्रदर्शनकारियों ने बोर्ड अध्यक्ष गौतम पाल पर नियुक्ति प्रक्रिया में अनावश्यक देरी का आरोप लगाया और तत्काल भर्ती की मांग की।
अपर प्राइमरी अभ्यर्थियों का धर्मतला में प्रदर्शन
दूसरी ओर, अपर प्राइमरी शिक्षक पद के लिए चयनित लेकिन नियुक्ति से वंचित अभ्यर्थियों ने सुबोध मलिक स्क्वायर से राज्य विधानसभा तक मार्च निकालने का आह्वान किया। जुलूस जैसे ही धर्मतला पहुंचा, पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारी वहीं धरने पर बैठ गए। उनका दावा है कि इंटरव्यू पास करने के बावजूद उन्हें नियुक्त नहीं किया गया है। इन सबके कारण इलाकों में यातायात काफी देर तक प्रभावित रहा। इसी बीच, पश्चिम बंगाल आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायक कल्याण संघ के सदस्यों ने सामाजिक कल्याण विभाग के मुख्यालय शैशाली परिसर के पास तीन दिवसीय धरना शुरू कर दिया है, जिसमें वे “समान काम के लिए समान वेतन”, स्थायी नौकरी का दर्जा, पेंशन और गुजरात जैसे राज्यों में प्रदान किए जाने वाले लाभों के बराबर ग्रेच्युटी लाभों की मांग कर रही हैं।