

प्रगति, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : अभी तक जॉइंट एंट्रेंस की परीक्षा को लेकर बोर्ड की ओर से कोई अनाउंसमेंट नहीं की गई है। ऐसे में इंजीनियरिंग कॉलेजों की ओर से शिकायत की जा रही है कि परीक्षा प्रोसेस और रिजल्ट में देरी होने से अच्छे स्टूडेंट्स राज्य के बाहर चले जाते हैं और कम मेरिट वाले स्टूडेंट्स ही एडमिशन लेते हैं। साथ ही कैंडिडेट्स की ओर से भी शिकायतें आ रही है। पिछले एकेडमिक साल में जॉइंट एंट्रेंस के रिजल्ट तय समय से लगभग दो महीने देरी से आए थे। इस वजह से कैंडिडेट्स और इंजीनियरिंग कॉलेजों ने काफी शिकायते की थी। आमतौर पर जॉइंट एंट्रेंस 12वीं के एग्जाम के बाद अप्रैल-मई में होता है। इस साल उस समय विधानसभा चुनाव हो सकते हैं। हालांकि, जॉइंट एंट्रेंस के बारे में अभी कोई अनाउंसमेंट नहीं हुआ है। एप्लीकेशन प्रोसेस भी शुरू नहीं हुआ है।
क्या कहा जॉइंट एंट्रेंस बोर्ड के चेयरमैन ने?
स्टेट जॉइंट एंट्रेंस बोर्ड के नए चेयरमैन गौतम पाल ने चार्ज संभालने के बाद कहा, “समय पर परीक्षा कराना अब मेरे लिए एक बड़ी चुनौती है। उम्मीद है कि जॉइंट परीक्षा कराना और रिजल्ट जल्दी और समय पर जारी करना मुमकिन होगा। टीचिंग कम्युनिटी को लगता है कि जैसे-जैसे समय बीतेगा, राज्य के इंजीनियरिंग स्टूडेंट दूसरे राज्यों में चले जाएंगे।