माध्यमिक परीक्षा में छात्र अंग्रेजी को प्रथम भाषा के रूप में चुन सकेंगे

माध्यमिक परीक्षा में छात्र अंग्रेजी को प्रथम भाषा के रूप में चुन सकेंगे
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सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : माध्यमिक परीक्षा में छात्र अंग्रेजी को भी पहली भाषा के रूप में चुन सकेंगे। इसके लिए अलग से अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है। माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने उन स्कूलों के छात्रों के लिए यह विशेष दिशानिर्देश जारी किया है जहां बांग्ला और अंग्रेजी दोनों पढ़ाई जाती हैं। बोर्ड सचिव सुब्रत घोष ने बताया कि परीक्षा से पहले कक्षा 9 से ही यह जानने की व्यवस्था की गई है कि कितने छात्र बांग्ला और अंग्रेजी में पढ़ रहे हैं और वे बांग्ला या अंग्रेजी में से किसे पहली भाषा के रूप में चुन रहे हैं।

स्कूलों को उस कक्षा में पंजीकरण के समय यह जानकारी देनी होगी। अंग्रेजी को पहली भाषा के रूप में चुनने का पाठ्यक्रम अलग है। इसके लिए बोर्ड एक अलग गाइड से लेकर सभी प्रकार की पुस्तकें उपलब्ध कराता है। माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के अनुसार, लंबे समय से विभिन्न जिलों के विभिन्न स्कूलों और छात्रों ने अंग्रेजी को पहली भाषा के रूप में लेने की अनुमति के लिए आवेदन किया है। उसी आवेदन को ध्यान में रखते हुए बोर्ड ने छात्रों के हित में यह निर्णय लिया है। जादवपुर विद्यापीठ के प्रधानाध्यापक पार्थ प्रतिम वैद्य ने कहा कि अंग्रेजी को प्रथम भाषा के रूप में लेने का अवसर था, लेकिन पूर्व अनुमति आवश्यक थी।

अब, छात्रों को पंजीकरण के समय इसकी सूचना देने का अवसर मिलेगा, जो उनके लिए लाभदायक होगा। हालांकि, बोर्ड ने यह भी बताया है कि बांग्ला या अंग्रेजी में शिक्षण माध्यम का चुनाव स्कूल के बुनियादी ढांचे, छात्रों की पसंद और व्यावहारिक कार्यान्वयन पर निर्भर करता है। ऐसे में सभी स्कूलों के लिए यह विकल्प चुनना अनिवार्य नहीं है।

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