सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : साउथ कलकत्ता लॉ कॉलेज में हाल ही में हुई एक गंभीर घटना के बाद पीड़िता छात्रा अब उसी कॉलेज में पढ़ाई जारी रखना नहीं चाहती हैं। परिवार ने इस बात का निर्णय लिया है कि छात्रा का कॉलेज बदला जाए ताकि उसके मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव न पड़े। छात्रा ने पहले साल की परीक्षाएँ साउथ कलकत्ता लॉ कॉलेज से दी थीं, लेकिन कलकत्ता विश्वविद्यालय ने विशेष प्रबंध किए थे ताकि वह बिना किसी परेशानी के परीक्षा में शामिल हो सके।
पीड़िता के पिता ने बताया कि वे अपनी बेटी के लिए बेहतर और सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करना चाहते हैं। उनका कहना है कि कॉलेज में वापस जाना उसकी मानसिक स्थिति के लिए ठीक नहीं होगा, इसलिए वे किसी अन्य सरकारी कॉलेज में उसके दाखिले के लिए कदम उठा रहे हैं। इस संदर्भ में परिवार ने कलकत्ता विश्वविद्यालय और साउथ कलकत्ता लॉ कॉलेज दोनों में आवेदन कर दिया है।
सूत्रों के अनुसार, कॉलेज की वाइस प्रिंसिपल नयना चटर्जी ने भी इस मामले में आवेदन पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है और पीड़िता के हित में समर्थन व्यक्त किया है। वहीं, कलकत्ता विश्वविद्यालय की कार्यवाहक कुलपति शांता दत्ता डे ने कहा कि उन्हें इस मामले में एक अनुरोध प्राप्त हुआ है। विश्वविद्यालय इस मामले की गंभीरता से जांच करेगा और आवश्यक कार्रवाई करेगा।
इस घटना के बाद कॉलेज में छात्रों और अभिभावकों के बीच सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य को लेकर चिंता बढ़ गई है। विश्वविद्यालय और कॉलेज प्रशासन की ओर से आश्वासन दिया गया है कि पीड़िता के हितों का पूरा ध्यान रखा जाएगा और उसे उचित सहायता प्रदान की जाएगी। परिवार भी इस बात की उम्मीद करता है कि नए संस्थान में उनकी बेटी सुरक्षित और बेहतर माहौल में अपनी पढ़ाई जारी रख सकेगी।
यह मामला न केवल शिक्षा संस्थान की जिम्मेदारी को उजागर करता है, बल्कि छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और सुरक्षा के प्रति सजग रहने की आवश्यकता भी बताता है। आने वाले दिनों में इस मामले पर विश्वविद्यालय की और भी विस्तृत जांच और उचित कदम उठाए जाने की संभावना है।