

प्रगति, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : एसएससी द्वारा आयोजित शिक्षक भर्ती परीक्षा के परिणाम घोषित होने के बाद विरोध का दौर एक बार फिर शुरू हो गया है। हालांकि इस बार कोर्ट के आदेश पर रद्द हुई नौकरी के उम्मीदवार नहीं बल्कि परीक्षा में शामिल हुए नए अभ्यर्थी विरोध मार्च के साथ सड़क पर उतरे। एसएससी द्वारा आयोजित शिक्षक भर्ती परीक्षा में उच्च अंक प्राप्त करने के बावजूद साक्षात्कार के लिए आवश्यक कट-ऑफ अंक प्राप्त न कर पाने वाले उम्मीदवारों के एक वर्ग ने सोमवार को करुणामयी से लेकर विकास भवन तक मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगें यह थीं कि योग्यता के आधार पर पुराने अभ्यर्थियों को दिये जाने वाले 10 अंक को कैंसिल किया जाए। उन्होंने रिक्तियों की संख्या में वृद्धि करने की मांग रखी। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि कई योग्य उम्मीदवारों को परीक्षा में 50 अंक तक प्राप्त करने के बावजूद साक्षात्कार के लिए नहीं बुलाया गया। प्रदर्शन का यह दौर सुबह शुरू हुआ और शाम होते होते यह और तेज हो गया। स्थिति ऐसी हो गई कि पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का मुक्की जैसा माहौल बन गया था। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस ने बिना किसी पूर्व चेतावनी के अचानक उन्हें बलपूर्वक हटाना शुरू कर दिया। दूसरी ओर, पुलिस ने स्पष्ट रूप से कहा कि बार-बार अनुरोध के बावजूद प्रदर्शनकारी नहीं हटना चाहते थे, क्योंकि वे बिना अनुमति के लंबे समय से सड़क पर जमे हुए थे। इसलिए बलपूर्वक कार्रवाई करनी पड़ी। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि 9 सालों के बाद एसएससी ने शिक्षक भर्ती परीक्षा आयोजित की थी। पूरा अंक प्राप्त करने के बावजूद उन्हें साक्षात्कार के लिए कोई फोन नहीं आया है। जबकि कुल 20,000 से थोड़े ज्यादा उम्मीदवारों को बुलाया गया है।
सेंट्रल पार्क के पास रोके जाने पर सड़क पर ही बैठ गये अभ्यर्थी
स्थिति ऐसी हो गयी थी कि रैली के आगे बढ़ते ही तैनात पुलिस द्वारा उन्हें सेंट्रल पार्क के पास रोक दिया गया। उन्हें यह कहते हुए रोक दिया गया कि उनके पास रैली आयोजित करने की अनुमति नहीं है। प्रदर्शन में शामिल सभी सड़क पर बैठ गये और नारे लगाने लगे।