

प्रगति, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : एसएससी कक्षा 11वीं और 12वीं की शिक्षक भर्ती प्रक्रिया का महत्वपूर्ण चरण शुरू हो गया है। आयोग ने साक्षात्कार (इंटरव्यू) के लिए चयनित अभ्यर्थियों की सूची प्रकाशित कर दी है। हालांकि, सूची जारी होते ही राज्य भर में नए विवादों और असंतोष की लहर दौड़ गई है। कारण—आंदोलन के कई प्रमुख नेताओं और लंबे समय से संघर्ष कर रहे बेरोजगार उम्मीदवारों के नाम सूची में शामिल नहीं हैं।
सबसे अधिक चर्चा में हैं आंदोलन का चेहरा रहे चिन्मय मंडल। उन्होंने कक्षा 9-10 और 11-12, दोनों के लिए परीक्षाएं दी हैं। उनका दावा है कि कक्षा 11-12 की लिखित परीक्षा में उन्हें 51 अंक मिले, जबकि अनुभव और शैक्षिक योग्यता जोड़कर कुल अंक 71 हो जाते हैं। बावजूद इसके, उन्हें साक्षात्कार के लिए नहीं बुलाया गया। आयोग द्वारा जारी मानदंडों के अनुसार, अंग्रेजी विषय में केवल उन्हीं अभ्यर्थियों को इंटरव्यू के लिए बुलाया गया है जिनके अंक 74 से अधिक हैं। चिन्मय का कहना है कि अब उनके पास कक्षा 9-10 के परिणामों का इंतजार करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है।
इसी तरह, आंदोलन का एक अन्य प्रमुख चेहरा सुमन विश्वास, जिन्होंने जैविक विज्ञान विषय में परीक्षा दी थी, को भी इंटरव्यू कॉल नहीं मिला। उनका भी कहना है कि वह 9वीं-10वीं के परिणामों का इंतजार करेंगे। सुमन का आरोप है कि यदि रिक्तियों की संख्या बढ़ाई जाए, तो कई योग्य उम्मीदवारों को मौका मिल सकता है।
कई नए अभ्यर्थियों ने भी शिकायत की है कि अधिक अंक प्राप्त करने के बावजूद उन्हें इंटरव्यू में नहीं बुलाया गया। उनका आरोप है कि अनुभव के आधार पर अतिरिक्त अंक दिए जाने की व्यवस्था ने उन्हें नुकसान पहुंचाया है। उनका कहना है कि “योग्य” बेरोजगारों को प्राथमिकता देने के नाम पर कई प्रतिभावान नए उम्मीदवार इंटरव्यू से बाहर हो गए हैं। गौरतलब है कि 11वीं और 12वीं कक्षाओं के लिए कुल 12,445 रिक्त पद घोषित किए गए हैं। अभ्यर्थियों का मानना है कि यदि रिक्तियों में वृद्धि नहीं हुई, तो कई योग्य उम्मीदवारों का भविष्य अधर में लटका रह सकता है।